बागेश्वर। जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता और समयबद्ध तरीके से निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता को की गई कार्रवाई की जानकारी भी दी जाए, ताकि उसे अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि एक ही शिकायत दोबारा सामने न आए।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 10 शिकायतें दर्ज की गईं। लोगों ने अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के सामने रखीं, जिन पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
शिक्षा विभाग से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को जिले के सभी विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों की विद्यालयवार और विकासखंडवार सूची तैयार करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहां तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि विद्यार्थियों की शिक्षा बाधित न हो।
उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारियों को विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति के साथ-साथ विद्यालयों में चल रही शिक्षण व्यवस्था की भी समीक्षा करने को कहा गया।
जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतकर्ताओं से शत-प्रतिशत फोन पर संपर्क कर शिकायत के निस्तारण और की गई कार्रवाई के संबंध में फीडबैक लिया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का समाधान केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार ने ‘हैलो बागेश्वर’ के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की स्थिति की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने लंबित मामलों को जल्द निपटाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
उन्होंने अधिकारियों से जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाते हुए जिम्मेदारी के साथ कार्य करने को कहा। जनसुनवाई में पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मेहरा, अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल समेत विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।