देहरादून। चकराता क्षेत्र में समाज कल्याण विभाग की योजनाओं को लेकर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बाद उत्तराखंड की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसोनी ने इस घटनाक्रम को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए पार्टी के भीतर समन्वय और शिकायत निवारण व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। रविवार को भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने समाज कल्याण मंत्री खजान दास के यमुना कॉलोनी स्थित आवास के बाहर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान ने किया।
दसोनी ने कहा कि यदि पार्टी कार्यकर्ताओं को योजनाओं को लेकर शिकायत थी, तो उसे संगठन के स्तर पर उठाया जा सकता था। उन्होंने सार्वजनिक प्रदर्शन तक मामला पहुंचने को लेकर भाजपा नेतृत्व से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने मधु चौहान और उनके पति मुन्ना सिंह चौहान की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें अपनी ही सरकार में क्षेत्रीय योजनाओं को लेकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
मामला चकराता क्षेत्र में अनुसूचित जाति और जनजाति से जुड़ी योजनाओं में कार्यकर्ताओं के प्रस्तावों की अनदेखी के आरोपों से जुड़ा है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि योजनाओं के चयन में उनके प्रस्तावों को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं दी गई। इसके विरोध में मंत्री के आवास पर प्रदर्शन किया गया था।
दसोनी ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट से भी पूरे घटनाक्रम पर तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि केवल नेताओं को बुलाकर बैठक करने के बजाय शिकायतों के समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।
विवाद के दौरान मंत्री खजान दास ने आरोपों को लेकर कहा था कि यदि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप साबित होते हैं तो वह मंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे और आत्महत्या करने की बात भी कही थी। यह बयान विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में दर्ज हुआ है।
इस बीच, चकराता से आए करीब 60 भाजपा कार्यकर्ता सोमवार को प्रदेश कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन मंत्री के विरोध के बाद प्रस्तावित जॉइनिंग कार्यक्रम नहीं हो सका और कार्यकर्ता वापस लौट गए।
कांग्रेस ने पूरे मामले में भाजपा नेतृत्व से विवाद की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने और संगठनात्मक स्तर पर शिकायतों के समाधान की व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।