भीमताल। उत्तराखंड के राज्यपाल एवं कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने बुधवार को कुमाऊँ विश्वविद्यालय के भीमताल परिसर में नवनिर्मित ‘सीडीएस जनरल बिपिन रावत फार्मेसी अकादमिक ब्लॉक’ का वर्चुअल लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जनरल बिपिन रावत के नाम पर इस भवन का नामकरण विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा और उनमें अनुशासन, समर्पण तथा राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करेगा।
राज्यपाल ने कहा कि भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत का जीवन देशसेवा, नेतृत्व और साहस का प्रतीक रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपनी शिक्षा और ज्ञान का उपयोग केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र और समाज के विकास के लिए भी करें।
उन्होंने विश्वविद्यालय के फार्मास्यूटिकल साइंसेज विभाग की उपलब्धियों की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि नया अकादमिक ब्लॉक अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि पीएम-उषा योजना के तहत निर्मित यह भवन राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और शोध आधारित उच्च शिक्षा को बढ़ावा देगा।
राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड औषधीय एवं सुगंधित पौधों की प्राकृतिक संपदा से समृद्ध राज्य है। यहां फार्मास्यूटिकल अनुसंधान, हर्बल मेडिसिन और आयुर्वेद आधारित नवाचार की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। यदि इन संसाधनों का वैज्ञानिक तरीके से उपयोग किया जाए तो उत्तराखंड देश के प्रमुख फार्मास्यूटिकल और औषधीय अनुसंधान केंद्र के रूप में उभर सकता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “उत्तराखंड का दशक” के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण में विकसित उत्तराखंड की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसमें विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों और युवाओं की भागीदारी सबसे अहम होगी। उन्होंने युवाओं से नवाचार, शोध और कौशल विकास के माध्यम से राज्य और देश की प्रगति में योगदान देने का आह्वान किया।
इस अवसर पर राज्यपाल के अपर सचिव रीना जोशी, कुमाऊँ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी और शिक्षाविद उपस्थित रहे।