दुबई। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की वार्षिक आम बैठक में क्रिकेट से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई है। इनमें टेस्ट क्रिकेट में खराब रोशनी के दौरान गुलाबी गेंद के इस्तेमाल की अनुमति, कोचों को मैदान पर रणनीतिक चर्चा की छूट और महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए नए टूर्नामेंट का आयोजन शामिल है। साथ ही प्रशासनिक अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते क्रिकेट कनाडा की सदस्यता तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी गई है।
आईसीसी के नए फैसले के अनुसार, टेस्ट मैचों में खराब रोशनी की स्थिति में खेल को जारी रखने के लिए गुलाबी गेंद का उपयोग किया जा सकेगा। हालांकि यह व्यवस्था दोनों टीमों की सहमति के आधार पर परीक्षण के रूप में लागू की जाएगी। मैच की शुरुआत पारंपरिक लाल गेंद से होगी, लेकिन यदि दिन के अंतिम चरण में रोशनी कम हो जाती है, तो शेष ओवर फ्लडलाइट्स में गुलाबी गेंद से खेले जा सकेंगे। यह नियम अक्टूबर 2026 से लागू होगा।
आईसीसी ने खेल के दौरान रणनीतिक संवाद को बढ़ावा देने के लिए मुख्य कोच या उनके प्रतिनिधियों को निर्धारित ड्रिंक्स ब्रेक के समय मैदान पर जाकर खिलाड़ियों से चर्चा करने की अनुमति भी दे दी है। यह व्यवस्था टी20 क्रिकेट में इस्तेमाल होने वाले स्ट्रैटेजिक टाइम आउट की तर्ज पर होगी।
इसके अलावा खेल में समय की बर्बादी कम करने के लिए प्रकाश व्यवस्था और मैच प्रबंधन से जुड़ी तकनीकों को और बेहतर बनाने का निर्णय लिया गया है। गेंदबाजी एक्शन की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अब मैदानी अंपायरों को हॉक-आई डेटा तक पहुंच दी जाएगी, जिससे संदिग्ध गेंदबाजी एक्शन की रिपोर्टिंग अधिक सटीक हो सकेगी।
प्रशासनिक स्तर पर आईसीसी ने भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के चलते क्रिकेट कनाडा को निलंबित कर दिया है। वहीं बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के चुनावों की निगरानी के लिए भी वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आईसीसी ने महिला इमर्जिंग नेशंस ट्रॉफी 2026 को भी मंजूरी दी है। इस प्रतियोगिता में 10 टीमें हिस्सा लेंगी, जिनमें पूर्ण सदस्य और एसोसिएट सदस्य देश शामिल होंगे। आईसीसी के ये फैसले आने वाले समय में क्रिकेट के स्वरूप और संचालन में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकते हैं।