देहरादून। लंबे समय से अदालतों में लंबित मामलों के त्वरित और सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए उच्चतम न्यायालय में अगस्त महीने में विशेष लोक अदालत आयोजित की जाएगी। “समाधान समारोह” के अंतर्गत 21, 22 और 23 अगस्त 2026 को उच्चतम न्यायालय में यह विशेष लोक अदालत आयोजित होगी, जिसमें आपसी सहमति और राजीनामे के आधार पर विभिन्न प्रकार के मामलों का निस्तारण किया जाएगा।
यह जानकारी सीमा डुंगरकोटी ने दी। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य वादकारियों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से राहत दिलाना और विवादों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करना है।
विशेष लोक अदालत में फौजदारी मामलों, मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, चेक बाउंस, बैंक ऋण और वसूली संबंधी मामलों सहित दीवानी एवं वैवाहिक विवादों का निपटारा किया जाएगा। इसके अलावा बीमा दावे, सरकारी और सार्वजनिक उपक्रमों से जुड़े मामले, शैक्षणिक और सेवा संबंधी प्रकरण भी इसमें शामिल किए जाएंगे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने कहा है कि जिन लोगों के मामले सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं और जो अपने मामलों का आपसी सहमति से समाधान चाहते हैं, वे 20 अगस्त 2026 तक अपने मामलों को आवश्यक रूप से सूचीबद्ध करा लें। इससे मामलों को विशेष लोक अदालत में सुनवाई के लिए शामिल किया जा सकेगा।
प्राधिकरण की ओर से देहरादून जनपद से जुड़े ऐसे पक्षकारों को नोटिस भी भेजे जा रहे हैं, जिनके मामले सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं। इन पक्षकारों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में प्री-मीटिंग और सुलह वार्ता के लिए आमंत्रित किया जाएगा। यदि दोनों पक्षों के बीच सहमति बनती है, तो मामलों को विशेष लोक अदालत में निस्तारित कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल अदालतों में लंबित मामलों का बोझ कम करने के साथ-साथ लोगों को त्वरित न्याय दिलाने में भी मददगार साबित होगी।