देहरादून। प्रसिद्ध ऑर्थोपीडिक सर्जन, लेखक और सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान से जुड़े पद्मश्री प्रो. डॉ. बी. के. एस. संजय इन दिनों अरुणाचल प्रदेश दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने ईटानगर स्थित लोक भवन में अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ले. जन. के. टी. परनाइक (सेवानिवृत्त) से शिष्टाचार भेंट कर सड़क सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
मुलाकात के दौरान पद्मश्री प्रो. डॉ. संजय ने अपनी चर्चित पुस्तक “भारत में सड़क दुर्घटनाएँ” राज्यपाल को भेंट की। दोनों के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा, जन-जागरूकता और सड़क सुरक्षा जैसे विषयों पर सार्थक संवाद हुआ। डॉ. संजय ने कहा कि राज्यपाल का दूरदर्शी नेतृत्व और जनकल्याण के प्रति उनकी संवेदनशील सोच समाज के लिए प्रेरणादायक है।
संयुक्त राष्ट्र वैश्विक सड़क सुरक्षा सप्ताह 2026 के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों के तहत डॉ. संजय ने नॉर्थ ईस्टर्न रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में सड़क सुरक्षा विषय पर विशेष व्याख्यान भी दिया। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल सरकार या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है।
उन्होंने चिंता जताई कि भारत में हर वर्ष लाखों लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाते हैं। इनमें पैदल यात्री, साइकिल चालक और दोपहिया वाहन उपयोगकर्ता बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों और युवाओं को शुरुआती स्तर से ही यातायात नियमों और सुरक्षित सड़क व्यवहार के प्रति जागरूक किया जाए, तो कई दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।
डॉ. संजय ने सड़क सुरक्षा को स्कूली पाठ्यक्रम का अनिवार्य हिस्सा बनाने की भी वकालत की। उनका मानना है कि आज के दौर में परिवहन जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है, इसलिए बच्चों को प्रारंभ से ही सड़क सुरक्षा के प्रति शिक्षित करना बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम का संयोजन डॉ. दिव्येंदु पाल ने किया। वहीं आगामी कार्यक्रमों में डॉ. संजय टोमो रिबा इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड मेडिकल साइंसेज और अरुणाचल लॉ अकादमी में भी व्याख्यान देंगे।