नई दिल्ली। गोवा विधानसभा चुनाव 2027 से पहले आम आदमी पार्टी (आप) ने राज्य की क्षेत्रीय पार्टी गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी) के साथ गठबंधन का ऐलान कर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने रविवार को गठबंधन की घोषणा करते हुए इसका नाम ‘गोवा फर्स्ट’ रखा। उन्होंने कहा कि इस गठबंधन का मकसद गोवा की जनता को कांग्रेस और भाजपा से अलग एक मजबूत राजनीतिक विकल्प देना है।
गणेश चतुर्थी के मौके पर गठबंधन की घोषणा करते हुए केजरीवाल ने इसे शुभ अवसर बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों से गोवा की राजनीति में लोगों के सामने मुख्य रूप से कांग्रेस और भाजपा ही विकल्प रही हैं। केजरीवाल के मुताबिक, 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा से नाराज मतदाताओं ने कांग्रेस का समर्थन किया था, लेकिन बाद में कांग्रेस के कई विधायक भाजपा में चले गए और राज्य में फिर भाजपा की सरकार बन गई।
केजरीवाल ने 2022 के विधानसभा चुनाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस चुनाव में लोगों ने भाजपा के खिलाफ मतदान किया, लेकिन बाद में कांग्रेस विधायकों के समर्थन से भाजपा की सरकार बनने का रास्ता साफ हुआ। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान कांग्रेस और भाजपा एक-दूसरे के खिलाफ बयान देती हैं, लेकिन चुनाव बाद सत्ता के लिए साथ आ जाती हैं। केजरीवाल ने इसे गोवा की जनता के साथ विश्वासघात करार दिया।
गोवा फॉरवर्ड पार्टी का नेतृत्व विजय सरदेसाई करते हैं। पार्टी की स्थापना 25 जनवरी 2016 को हुई थी और उसका चुनाव चिह्न नारियल है। 2017 के गोवा विधानसभा चुनाव में जीएफपी ने चार सीटों पर चुनाव लड़ा था और तीन सीटों पर जीत दर्ज की थी। उस समय पार्टी ने भाजपा के नेतृत्व में सरकार के गठन में अहम भूमिका निभाई थी।
अब ‘गोवा फर्स्ट’ के जरिए आप और जीएफपी 2027 के चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के सामने तीसरा राजनीतिक विकल्प पेश करने की तैयारी में हैं। गठबंधन की घोषणा के बाद गोवा की चुनावी राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना बढ़ गई है।