नई दिल्ली। 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर राजधानी नई दिल्ली में तैयारियां तेज हैं। इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय बैठक में भाग लेने के लिए उज्बेकिस्तान के उप प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री जमशिद कुचकारोव शनिवार को नई दिल्ली पहुंचे। उनके दौरे को भारत और उज्बेकिस्तान के बीच आर्थिक सहयोग और आपसी साझेदारी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नई दिल्ली पहुंचने पर भारतीय अधिकारियों ने जमशिद कुचकारोव का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर थिम्फू स्थित भारतीय दूतावास के उप मिशन प्रमुख अनिकेत गोविंद मांडवगणे भी मौजूद रहे।
भारत की मेजबानी में 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित हो रहा 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। सम्मेलन के दौरान ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करने, वैश्विक विकास को नई गति देने और सदस्य देशों के बीच आपसी साझेदारी बढ़ाने जैसे मुद्दों पर व्यापक चर्चा होने की उम्मीद है।
शिखर सम्मेलन में वैश्विक चुनौतियों के बीच सहयोग और समन्वय को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। भारत ने इस वर्ष ब्रिक्स मंच के लिए लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास को प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया है। ऐसे में सम्मेलन के दौरान बदलते वैश्विक आर्थिक परिदृश्य, विकासशील देशों की चुनौतियों और भविष्य की साझेदारी को लेकर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श हो सकता है।
जमशिद कुचकारोव की यात्रा को भी इसी संदर्भ में अहम माना जा रहा है। वित्त और आर्थिक मामलों का अनुभव रखने वाले कुचकारोव सम्मेलन के दौरान विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के साथ आर्थिक सहयोग और विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में विभिन्न देशों के नेताओं और प्रतिनिधियों की भागीदारी से नई दिल्ली वैश्विक कूटनीति के एक अहम केंद्र के रूप में उभरी है। सम्मेलन से निकलने वाले फैसलों और आपसी सहमति पर अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर रहेगी।