नई दिल्ली। 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बीच भारत और वियतनाम के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने को लेकर अहम बातचीत हुई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को सम्मेलन से इतर वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हुंग के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं ने भारत-वियतनाम संबंधों की प्रगति के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भागीदार देश के रूप में वियतनाम की भागीदारी का स्वागत किया। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत और वियतनाम के बीच हाल के वर्षों में बढ़ते सहयोग की समीक्षा की और साझेदारी को नई ऊंचाई देने पर चर्चा की।
दोनों देशों के संबंधों को इसी साल मई में नई दिशा मिली थी। वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव और राष्ट्रपति टो लाम की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के रिश्तों को ‘उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा दिया गया था। शनिवार की बैठक में इसी के बाद हुई प्रगति का जायजा लिया गया।
प्रधानमंत्री मोदी और ले मिन्ह हुंग ने क्षेत्रीय एवं वैश्विक स्तर पर तेजी से बदलते घटनाक्रमों पर भी अपने विचार साझा किए। दोनों पक्षों ने आपसी हितों से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने और द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत और वियतनाम के संबंध लंबे समय से मैत्रीपूर्ण रहे हैं। दोनों देशों के बीच साझा सांस्कृतिक विरासत, आपसी विश्वास और समझ को रिश्तों की मजबूत नींव माना जाता है। रणनीतिक दृष्टि से भी वियतनाम भारत के लिए महत्वपूर्ण साझेदार है।
वियतनाम भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति का प्रमुख स्तंभ माना जाता है और दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत के महत्वपूर्ण साझेदारों में शामिल है। ऐसे में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान दोनों प्रधानमंत्रियों की बैठक को क्षेत्रीय सहयोग और भारत की पूर्वी एशिया नीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।