श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में सीमा पार से संचालित कथित आतंकी साजिश के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई की। जांच एजेंसी की अलग-अलग टीमों ने कश्मीर में सात ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई पाकिस्तान स्थित कथित आतंकी हैंडलर्स और स्थानीय नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच के तहत की गई।
अधिकारियों के अनुसार, एनआईए की टीमों ने कुलगाम में दो, बांदीपोरा में तीन और सोपोर में दो स्थानों पर तलाशी ली। अभियान के दौरान स्थानीय पुलिस और सुरक्षा बलों ने जांच एजेंसी की टीमों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया। तलाशी के दौरान एजेंसी ने कथित आतंकी नेटवर्क से जुड़े लोगों और गतिविधियों से संबंधित जानकारी जुटाने का प्रयास किया।
जांच का मुख्य फोकस पाकिस्तान में बैठे कथित आतंकी हैंडलर्स और स्थानीय ओवर-ग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) के बीच संभावित संपर्क पर है। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि स्थानीय स्तर पर सक्रिय कुछ लोग सीमा पार से घुसपैठ करने वाले आतंकवादियों को ठहरने, आवाजाही, संचार और अन्य लॉजिस्टिकल सहायता उपलब्ध करा सकते हैं।
एनआईए इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि आतंकियों को स्थानीय स्तर पर किस तरह की मदद मिली और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। तलाशी के दौरान किसी सामान या दस्तावेज की बरामदगी के संबंध में फिलहाल एजेंसी की ओर से विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
अधिकारियों के मुताबिक, यह मामला श्रीनगर के जकूरा पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर नंबर 0024/2026 से जुड़ा है। बाद में एनआईए ने मामले को अपने स्तर पर फिर से दर्ज करते हुए आरसी-02/2026/एनआईए/जम्मू के रूप में जांच शुरू की।
मामले में गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967, शस्त्र अधिनियम, 1959 और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 की संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। तलाशी अभियान से सामने आने वाले तथ्यों और संभावित बरामदगी के आधार पर एनआईए आगे की कार्रवाई करेगी। सुरक्षा एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े संभावित संपर्कों की भी जांच कर रही हैं।