SIR पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दिया पारदर्शिता का भरोसा

देहरादून,  उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। शुक्रवार को कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम से मुलाकात कर पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने अपनी चिंताओं और सुझावों से संबंधित ज्ञापन भी मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपा।

मुलाकात के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य को पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि जिन जिलों में दावे और आपत्तियां अपेक्षाकृत अधिक संख्या में प्राप्त हुई हैं, वहां निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है। ऐसे जिलों में नौ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को पर्यवेक्षण अधिकारी के तौर पर अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। इन अधिकारियों का उद्देश्य पुनरीक्षण प्रक्रिया की निगरानी करना और किसी भी तरह की समस्या का समय पर समाधान सुनिश्चित करना है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी जानकारी दी कि एसआईआर प्रक्रिया की निगरानी में गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के मंडलायुक्तों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। दोनों मंडलायुक्त मतदाता सूची के पर्यवेक्षक के रूप में प्रक्रिया पर नजर रखेंगे।

उन्होंने कहा कि सभी जिलों को राजनीतिक दलों के साथ नियमित बैठकें आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इससे पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़े विषयों पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद कायम रहेगा और प्राप्त सुझावों एवं आपत्तियों को उचित स्तर पर रखा जा सकेगा।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में मनोज रावत, राजेंद्र भंडारी, सूर्यकांत धस्माना, जसविंदर सिंह गोगी, डॉ. प्रतिमा सिंह और सुजाता पाल शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के साथ चर्चा की।

बैठक के बाद निर्वाचन विभाग की ओर से प्रक्रिया को नियमों के अनुरूप और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया गया। वहीं कांग्रेस ने भी पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी बात अधिकारियों के सामने रखी।

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