देहरादून। बालावाला और गूलर घाटी क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही जनसमस्याओं और विभागीय लापरवाही को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को क्षेत्र के स्थलीय निरीक्षण के दौरान उन्होंने सिंचाई नहर की सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, सीवर निर्माण और जलभराव जैसी समस्याओं का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्थानीय लोगों और किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। सिंचाई नहर की लंबे समय से सफाई नहीं होने की शिकायत पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। जंगल से सटे क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने गंभीरता दिखाई।
बालावाला क्षेत्र में हाथी, बाघ और आवारा कुत्तों से जुड़ी घटनाओं की आशंका को देखते हुए वन विभाग और नगर निगम को सुरक्षात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। सिंचाई नहर के आसपास रात के समय पर्याप्त रोशनी के लिए सोलर लाइट लगाने का प्रस्ताव भी तैयार करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने बालावाला घोड़ा फैक्ट्री के पास स्थित सुनसान खेल मैदान का भी निरीक्षण किया। यहां सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए, ताकि स्थानीय लोगों और खिलाड़ियों को किसी तरह की परेशानी न हो।
गूलर घाटी के निरीक्षण के दौरान डीएम ने वहां मौजूद प्राकृतिक जलस्रोत का जायजा लिया। उन्होंने जलस्रोत के संरक्षण और संवर्धन के लिए इसे रिवर रिजूवनेशन प्रोजेक्ट में शामिल करने के निर्देश दिए। साथ ही पूरे क्षेत्र को ईको पार्क के रूप में विकसित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
देवीपुरा क्षेत्र में खुले में कूड़ा डंप किए जाने पर भी जिलाधिकारी ने नगर निगम के अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने अनधिकृत रूप से कूड़ा डालने वालों को नोटिस जारी करने और जमा कूड़े का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
वहीं, गूलरघाटी मोटर मार्ग पर नकरौंदा के पास बांगी पुलिया क्षेत्र में जलभराव की समस्या का भी निरीक्षण किया गया। स्थानीय लोगों ने सीवर लाइन निर्माण के लिए हुई खुदाई के बाद जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने की शिकायत की। इस पर डीएम ने यूयूएसडीए को तत्काल प्रभावी ड्रेनेज प्लान तैयार करने के निर्देश दिए।