वॉशिंगटन। ईरान के खिलाफ लंबे समय से चल रहे अमेरिकी सैन्य अभियान के बीच अमेरिकी नौसेना के एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन की स्थिति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यह एयरक्राफ्ट कैरियर करीब 260 दिनों से समुद्र में तैनात है। इस दौरान जहाज पर मौजूद सैनिकों की सुविधाओं और लंबे समय तक समुद्र में रहने के असर को लेकर कई वीडियो और तस्वीरें सामने आई हैं।
सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में यूएसएस अब्राहम लिंकन के टॉयलेट की कथित खराब स्थिति दिखाई गई है। वीडियो में टॉयलेट से पानी बहता नजर आ रहा है, जबकि एक अन्य फुटेज में बाथरूम का फर्श गंदा और पाइप पर जंग लगी दिखाई देती है। टॉयलेट में भूरे रंग का तरल पदार्थ भी नजर आने का दावा किया गया है। वीडियो में मौजूद एक अमेरिकी नौसैनिक ने जहाज की स्थिति को बेहद खराब बताया।
इसी बीच यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन से जुड़ी कुछ तस्वीरें और वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। इनमें कथित तौर पर खाने की खराब गुणवत्ता और आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं का जिक्र किया गया है। एक नौसैनिक ने दावा किया कि ताजे फलों की आपूर्ति में दिक्कत आ रही है, क्योंकि लंबी समुद्री यात्रा के दौरान उनके खराब होने का खतरा रहता है। कुछ तस्वीरों में जहाज के पुराने हिस्सों और मरम्मत की जरूरत का भी दावा किया गया है।
इन दावों के सामने आने के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अधिकारियों की ओर से स्थिति पर प्रतिक्रिया दी गई। रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने कहा कि यूएसएस अब्राहम लिंकन पर तैनात सैनिकों में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का स्तर नौसेना के सक्रिय एयरक्राफ्ट कैरियरों में सबसे कम है। हालांकि, अधिकारियों ने यह भी माना कि इसका अर्थ यह नहीं है कि जहाज पर सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह ठीक हैं।
अमेरिकी नौसेना का कहना है कि अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप ने लंबे समय तक समुद्र में रहने के बावजूद अपना अभियान जारी रखा है और इस दौरान करीब 10 हजार उड़ानें संचालित की गई हैं। अब अमेरिका इस कैरियर को क्षेत्र से हटाने की तैयारी में है। उसकी जगह यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन को प्रशांत क्षेत्र से खाड़ी की ओर भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।