देहरादून। प्रदेश के जनपदों से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान और शासन तथा जिला स्तर के अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय के लिए अब हर महीने समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने इसके लिए प्रत्येक माह के पहले मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि जिलाधिकारियों की ओर से अपने-अपने जनपदों से जुड़े ऐसे महत्वपूर्ण प्रकरण बैठक में रखे जा सकेंगे, जिनके समाधान के लिए शासन स्तर पर विभिन्न विभागों के बीच समन्वय या किसी नीतिगत निर्णय की आवश्यकता है। इससे लंबे समय से लंबित मामलों को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिलों से चिन्हित समस्याओं और प्रकरणों की जानकारी संबंधित विभागों को बैठक से पहले ही उपलब्ध करा दी जाए। इससे विभागीय अधिकारी आवश्यक तथ्यों, रिपोर्ट और प्रस्तावित कार्रवाई के साथ बैठक में शामिल हो सकेंगे। मुख्य सचिव ने कहा कि बैठक केवल समीक्षा तक सीमित न रहे, बल्कि संबंधित अधिकारियों के बीच सीधे संवाद के जरिए समस्याओं का यथासंभव मौके पर ही निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
प्रस्तावित मासिक बैठक में संबंधित जनपद और विभाग के अधिकारियों के साथ प्रत्येक मामले पर चर्चा की जाएगी। जरूरत के अनुसार शासन स्तर से निर्णय लेकर कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा। माना जा रहा है कि इस व्यवस्था से जिलों की स्थानीय समस्याओं को शासन तक पहुंचाने और उनके समाधान में लगने वाले समय को कम किया जा सकेगा।
मुख्य सचिव ने शासन और जिला प्रशासन के बीच लगातार बेहतर तालमेल बनाए रखने पर भी जोर दिया। नियमित समन्वय बैठक से विकास कार्यों, प्रशासनिक मामलों और विभिन्न विभागों से जुड़े लंबित प्रकरणों की निगरानी भी अधिक प्रभावी तरीके से की जा सकेगी।
बैठक में प्रमुख सचिव एल. फैनई, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, चंद्रेश कुमार यादव, डॉ. वी. षणमुगम, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनोद कुमार सुमन, ज्योति यादव, रणवीर सिंह चौहान, धीराज सिंह गर्ब्याल और राजेंद्र कुमार समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।