नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन को ज्यादा सुविधाजनक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में बुधवार को बड़ा कदम उठाया जाएगा। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता 200 नई जीरो-एमिशन इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके साथ दिल्ली-करनाल के बीच अंतरराज्यीय इलेक्ट्रिक बस सेवा और महिलाओं के लिए 56 विशेष इलेक्ट्रिक बस सेवाओं की भी शुरुआत होगी।
कार्यक्रम दिल्ली विश्वविद्यालय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान डीटीसी के राजघाट डिपो-I में बनाए गए ईवी चार्जिंग स्टेशन का उद्घाटन भी किया जाएगा। कार्यक्रम में परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह, सांसद मनोज तिवारी और विधायक सूर्य प्रकाश खत्री भी मौजूद रहेंगे।
परिवहन मंत्री के अनुसार, 200 नई इलेक्ट्रिक बसों के शामिल होने के बाद दिल्ली परिवहन निगम के बेड़े में करीब 6,800 बसें हो जाएंगी। इनमें 4,938 इलेक्ट्रिक और 1,750 सीएनजी बसें शामिल होंगी। नई बसों में 12 मीटर लंबी 88 और 9 मीटर लंबी 112 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं। सरकार की योजना वित्त वर्ष 2028-29 तक दिल्ली में बसों की कुल संख्या करीब 14 हजार करने की है।
इसी क्रम में दिल्ली से करनाल के बीच पांच पूरी तरह इलेक्ट्रिक और एसी बसें चलाई जाएंगी। करीब 133 किलोमीटर लंबे इस रूट पर दोनों दिशाओं में रोजाना 10 ट्रिप संचालित होंगी। बस सेवा कश्मीरी गेट स्थित महाराणा प्रताप आईएसबीटी को करनाल से जोड़ेगी और सिंघू बॉर्डर, राय, मुरथल, गन्नौर, समालखा, पानीपत, घरौंडा और मधुबन जैसे प्रमुख स्थानों से होकर गुजरेगी।
महिलाओं और छात्राओं के लिए भी विशेष सुविधा शुरू की जा रही है। 15 प्रमुख रूटों पर 30 लेडीज स्पेशल ट्रिप और 13 रूटों पर 26 यूनिवर्सिटी लेडीज स्पेशल ट्रिप संचालित होंगी। इनसे नेहरू प्लेस, एम्स, कनॉट प्लेस, आईटीओ, दिल्ली सचिवालय, करोल बाग और शिवाजी स्टेडियम जैसे प्रमुख इलाकों के साथ कई विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
इसके अलावा राजघाट डिपो-I में करीब 5.50 करोड़ रुपये की लागत से सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन तैयार किया गया है। इससे दिल्ली के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी नेटवर्क को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।