नई दिल्ली। भारत और लेसोथो ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दोनों देशों के बीच 30 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में संयुक्त द्विपक्षीय सहयोग आयोग (जेबीसीसी) की छठी बैठक आयोजित हुई। बैठक में विकास साझेदारी, क्षमता निर्माण, मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) तथा संयुक्त राष्ट्र समेत विभिन्न बहुपक्षीय मंचों पर आपसी समन्वय बढ़ाने पर व्यापक चर्चा हुई।
बैठक की संयुक्त अध्यक्षता विदेश मंत्रालय के पूर्वी एवं दक्षिणी अफ्रीका प्रभाग के संयुक्त सचिव जनेश काइन और लेसोथो के विदेश एवं अंतरराष्ट्रीय संबंध मंत्रालय के प्रधान सचिव थाबांग लेखेला ने की। दोनों पक्षों ने व्यापार, शिक्षा, कृषि, खाद्य सुरक्षा और पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रस्तावित समझौता ज्ञापनों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने तथा जल्द हस्ताक्षर करने पर सहमति जताई।
भारत ने लेसोथो को अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) और आपदा प्रतिरोधी बुनियादी ढांचे के लिए गठबंधन (सीडीआरआई) जैसी वैश्विक पहलों में शामिल होने का भी निमंत्रण दिया। इसका उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा, जलवायु अनुकूल विकास और आपदा-रोधी बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है।
बैठक में दोनों देशों ने दक्षिण-दक्षिण सहयोग के माध्यम से सतत विकास को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आपसी साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर बेहतर तालमेल के लिए मिलकर काम करने पर सहमति बनी।
जेबीसीसी की स्थापना मार्च 2004 में हुई थी। इसकी बैठक बारी-बारी से भारत की राजधानी नई दिल्ली और लेसोथो की राजधानी मासेरू में आयोजित की जाती है। दोनों देशों ने अब आयोग की सातवीं बैठक मासेरू में आयोजित करने का फैसला किया है। बैठक की तारीख राजनयिक माध्यमों से तय की जाएगी।
दक्षिणी अफ्रीका में स्थित लेसोथो पूरी तरह दक्षिण अफ्रीका से घिरा देश है। अपने ऊंचे पर्वतीय भूभाग के कारण इसे ‘किंगडम इन द स्काई’ यानी ‘आसमान में बसा देश’ भी कहा जाता है। यह देश जल संसाधनों, हीरा खनन, वस्त्र उद्योग और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है।