देहरादून। उत्तराखंड के आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक ने शनिवार को देश के पहले लेखक गांव थानों में आयोजित ‘हिम आयु स्पर्श-2026’ राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने और आयुष क्षेत्र में शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने जल्द ही लेखक गांव थानों में पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय आयुष सम्मेलन आयोजित किए जाने की घोषणा की।
मदन कौशिक ने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का वैज्ञानिक आधार है। आधुनिक तकनीक, अनुसंधान और नवाचार के साथ इसका समन्वय कर आयुर्वेद को दुनिया के सामने नए स्वरूप में प्रस्तुत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार आयुष शिक्षा, शोध और चिकित्सा सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
सम्मेलन के दौरान आयुष विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं के साथ मंत्री ने विभिन्न विषयों पर चर्चा की। इस दौरान आयुर्वेद और अन्य आयुष पद्धतियों में शोध को बढ़ावा देने, नई तकनीकों के इस्तेमाल तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग बढ़ाने को लेकर विचार-विमर्श हुआ। सम्मेलन में मिले सुझावों और विशेषज्ञों के विचारों के बाद मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने की घोषणा की।
उन्होंने बताया कि पांच दिवसीय यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन उत्तराखंड आयुष मंत्रालय और हिमालयीय आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय, डोईवाला के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में आयुर्वेद के साथ योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी विभिन्न आयुष चिकित्सा पद्धतियों को लेकर विशेषज्ञ मंथन करेंगे।
मंत्री ने कहा कि प्रस्तावित सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य आयुष क्षेत्र में शोध, नवाचार और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही देश-दुनिया के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर आयुष चिकित्सा की संभावनाओं और आधुनिक समय में इसकी उपयोगिता पर चर्चा की जाएगी।
‘हिम आयु स्पर्श-2026’ सम्मेलन में पद्मश्री प्रो. केके ठकराल, पूर्व महानिदेशक आयुष प्रो. पूजा भारद्वाज, हिमालय आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के अध्यक्ष प्रो. प्रदीप भारद्वाज, सचिव बालकृष्ण चमोली, प्रधानाचार्य प्रो. जीएस इंदौरिया सहित कई शिक्षाविद, चिकित्सक और शोधार्थी मौजूद रहे। विभिन्न आयुर्वेदिक शिक्षण संस्थानों से आए छात्र-छात्राओं ने भी कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया।