अजिंक्य रहाणे ने लिया संन्यास, ऑस्ट्रेलिया की ऐतिहासिक जीत वाला कप्तान अब नहीं दिखेगा मैदान पर

 नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है। 38 वर्षीय रहाणे लंबे समय से भारतीय टीम से बाहर चल रहे थे। उन्होंने गुरुवार सुबह सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपने संन्यास की घोषणा की। इस दौरान वह भावुक नजर आए।

रहाणे ने भारत के लिए तीनों प्रारूपों में क्रिकेट खेला, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उनका प्रदर्शन सबसे प्रभावी रहा। वह भारतीय टेस्ट टीम की कप्तानी भी कर चुके हैं। उनके क्रिकेट करियर का सबसे यादगार दौर 2020-21 का ऑस्ट्रेलिया दौरा रहा, जब उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में टीम की कमान संभाली और भारत को बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में ऐतिहासिक जीत दिलाई।

एडिलेड में खेले गए पहले टेस्ट में भारतीय टीम महज 36 रन पर ऑलआउट हो गई थी। इसके बाद कप्तान विराट कोहली निजी कारणों से भारत लौट गए। ऐसे मुश्किल समय में रहाणे ने टीम की कमान संभाली और खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाते हुए सीरीज में शानदार वापसी कराई। भारत ने अंततः ऑस्ट्रेलिया को उसी की धरती पर 2-1 से हराकर सीरीज अपने नाम की। गाबा में मिली जीत को भारतीय क्रिकेट की ऐतिहासिक उपलब्धियों में गिना जाता है।

रहाणे ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत 2011 में इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में खेले गए टी-20 मुकाबले से की थी। इसके करीब एक महीने बाद उन्हें वनडे में पदार्पण का मौका मिला। 2013 में उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में कदम रखा। इसके बाद वह भारतीय मध्यक्रम के भरोसेमंद बल्लेबाज के रूप में स्थापित हुए।

रहाणे ने अपना आखिरी टेस्ट जुलाई 2023 में खेला था। वनडे में उनकी अंतिम उपस्थिति 2018 और टी-20 अंतरराष्ट्रीय में 2016 में रही। लंबे समय से टीम से बाहर रहने के कारण उनकी वापसी की संभावना भी कम हो गई थी।

अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में रहाणे ने 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी-20 मैच खेले। उन्होंने टेस्ट में 5,077, वनडे में 2,962 और टी-20 में 375 रन बनाए। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 12 शतक, जबकि वनडे में तीन शतक दर्ज हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.