वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ की नई योजना को लेकर विवाद शुरू हो गया है। प्लेटफॉर्म की ओर से भुगतान आधारित अर्ली एक्सेस सुविधा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत शुल्क देने वाले निवेशकों और यूजर्स को ट्रंप की पोस्ट आम लोगों की तुलना में पहले देखने का मौका मिलेगा।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक ट्रंप की सोशल मीडिया पोस्ट केवल राजनीतिक बयान तक सीमित नहीं रहतीं। उनके युद्ध, टैरिफ, केंद्रीय बैंक की नीतियों और अर्थव्यवस्था से जुड़े बयान अक्सर वैश्विक वित्तीय बाजारों को प्रभावित करते हैं। ऐसे में पेड यूजर्स को इन पोस्ट की पहले जानकारी मिलने से निष्पक्षता और हितों के टकराव को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
आलोचकों का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के नीतिगत फैसलों और संकेतों का बाजार पर सीधा असर पड़ सकता है। ऐसे में यदि कुछ चुनिंदा लोगों को उनकी पोस्ट आम जनता से पहले उपलब्ध होती हैं, तो उन्हें आर्थिक लाभ लेने का अवसर मिल सकता है। विशेषज्ञों ने इसे सार्वजनिक पद के संभावित दुरुपयोग और सूचना तक समान पहुंच के मुद्दे से जोड़कर देखा है।
वित्तीय विशेषज्ञ आइरीन एल्ड्रिज समेत कई विश्लेषकों ने इस व्यवस्था पर चिंता जताई है। उनका तर्क है कि यदि किसी सूचीबद्ध कंपनी का मुख्य कार्यकारी अधिकारी संवेदनशील जानकारी चुनिंदा निवेशकों को सार्वजनिक होने से पहले उपलब्ध कराए, तो उस पर कानूनी सवाल उठ सकते हैं। ऐसे में राष्ट्रपति के नीतिगत बयानों को लेकर भी पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित किया जाना जरूरी है।
ट्रंप मीडिया ने आलोचनाओं को किया खारिज
दूसरी ओर, ट्रंप मीडिया एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप ने इन आरोपों को खारिज किया है। कंपनी का कहना है कि आलोचक मुक्त बाजार की अवधारणा को सही तरीके से नहीं समझ रहे हैं। कंपनी ने इस सुविधा को अपने व्यावसायिक मॉडल का हिस्सा बताया है और सार्वजनिक तथा गैर-सार्वजनिक जानकारी के बीच अंतर को लेकर उठाए जा रहे सवालों को उचित नहीं माना है।
इस पूरे विवाद पर अभी व्हाइट हाउस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, ट्रंप की पोस्ट के बाजार पर प्रभाव को देखते हुए यह मुद्दा आगे भी चर्चा में रहने की संभावना है।