उत्तरकाशी। सऊदी अरब में करीब नौ साल से फंसे उत्तरकाशी के इंद्रमणी नौटियाल की वतन वापसी के लिए उनकी बेटी दीपिका नौटियाल की शुरू की गई मुहिम अब बड़ा अभियान बन गई है। पिता को घर लाने के लिए दीपिका की अपील पर देश-विदेश से लोगों ने आर्थिक मदद की और अब तक दो करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाई जा चुकी है। इससे इंद्रमणी की वापसी का रास्ता साफ होने की उम्मीद बढ़ी है।
डुंडा विकासखंड की गाजणा पट्टी स्थित गोरसाड़ा गांव निवासी इंद्रमणी नौटियाल करीब नौ वर्ष पहले रोजगार के लिए सऊदी अरब गए थे। वहां वह ट्रक चालक के रूप में काम कर रहे थे। इस दौरान एक सड़क दुर्घटना के बाद सऊदी अरब की न्यायिक प्रक्रिया में उन्हें एक वर्ष के कारावास का सामना करना पड़ा। वहीं ट्रक के बीमा और पंजीकरण से जुड़ी कमी के मामले में कंपनी मालिक पर नौ लाख सऊदी रियाल का जुर्माना लगाया गया, जिसकी भारतीय मुद्रा में अनुमानित कीमत करीब 2.29 करोड़ रुपये बताई गई है।
परिवार के अनुसार, कंपनी मालिक की ओर से जुर्माने का भुगतान नहीं किए जाने के कारण इंद्रमणी की स्थिति लंबे समय तक कठिन बनी रही। परिवार ने सरकार और जनप्रतिनिधियों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं मिला। इसके बाद करीब चार महीने पहले दीपिका ने सोशल मीडिया पर भावुक अपील करते हुए पिता की वापसी के लिए आर्थिक सहयोग मांगा।
समाजसेवी रोशन रतूड़ी ने दीपिका की अपील को आगे बढ़ाते हुए सोशल मीडिया के जरिए देश-विदेश के लोगों से मदद की अपील की। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग अभियान से जुड़े। गोरसाड़ा के ग्रामीणों ने भी साढ़े सात लाख रुपये से अधिक की राशि जुटाकर परिवार को सौंपी। अलग-अलग क्षेत्रों और विदेशों से भी लगातार सहयोग मिल रहा है।
रोशन रतूड़ी नियमित रूप से प्राप्त सहयोग राशि और सहयोगकर्ताओं की जानकारी साझा कर लोगों को अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। दो करोड़ रुपये से अधिक राशि जुटने के बाद परिवार में खुशी का माहौल है। दीपिका, उनके भाई, मां और रिश्तेदारों को अब उम्मीद है कि इंद्रमणी जल्द अपने परिवार के बीच लौट सकेंगे। यह मुहिम लोगों की सामूहिक संवेदनशीलता और सहयोग की मिसाल बनकर सामने आई है।