CWG 2026: तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन में रचा इतिहास

ग्लासगो, 1 अगस्त। भारत के स्टार बहु-इवेंट एथलीट तेजस्विन शंकर ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों की डेकाथलॉन स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह राष्ट्रमंडल खेलों में डेकाथलॉन स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं।

टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) डेवलपमेंट एथलीट तेजस्विन ने प्रतियोगिता के अंतिम और निर्णायक इवेंट 1500 मीटर दौड़ में दमदार प्रदर्शन किया। उन्होंने यह दौड़ 4 मिनट 36.19 सेकंड में पूरी कर 704 अंक हासिल किए। इसके साथ ही तेजस्विन ने सभी 10 स्पर्धाओं में कुल 7976 अंक जुटाकर कांस्य पदक अपने नाम किया।

डेकाथलॉन को एथलेटिक्स की सबसे चुनौतीपूर्ण स्पर्धाओं में से एक माना जाता है। इसमें दो दिनों के दौरान कुल 10 अलग-अलग ट्रैक और फील्ड इवेंट में खिलाड़ी अपनी क्षमता का प्रदर्शन करते हैं। स्पर्धा में 100 मीटर, लंबी कूद, गोला फेंक, ऊंची कूद, 400 मीटर, 110 मीटर बाधा दौड़, डिस्कस थ्रो, पोल वॉल्ट, भाला फेंक और 1500 मीटर शामिल होते हैं। ऐसे में तेजस्विन की यह उपलब्धि उनकी फिटनेस और बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाती है।

इस ऐतिहासिक कांस्य के साथ तेजस्विन शंकर ने राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में एक और खास उपलब्धि अपने नाम की। वह दो अलग-अलग एथलेटिक्स स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।

इससे पहले तेजस्विन ने 2022 बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुषों की हाई जंप स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। अब डेकाथलॉन में पदक जीतकर उन्होंने अपने राष्ट्रमंडल खेलों के पदकों की संख्या दो कर ली है।

तेजस्विन की इस उपलब्धि को भारतीय एथलेटिक्स के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। डेकाथलॉन में पदक जीतना इसलिए भी खास है क्योंकि इसमें खिलाड़ी को अलग-अलग तरह की स्पर्धाओं में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना पड़ता है। ताकत, गति, तकनीक, सहनशक्ति और मानसिक मजबूती का बेहतरीन संतुलन इस स्पर्धा में सफलता के लिए जरूरी होता है।

तेजस्विन शंकर के ऐतिहासिक प्रदर्शन से भारतीय एथलेटिक्स को नई पहचान मिली है और देश के बहु-इवेंट खिलाड़ियों के लिए भी एक मजबूत प्रेरणा सामने आई है।

 

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