केदारनाथ यात्रा तीसरे दिन भी बंद, 7000 यात्री सुरक्षित निकाले

देहरादून। उत्तराखंड में मौसम की चुनौती के बीच केदारनाथ यात्रा लगातार तीसरे दिन भी प्रभावित रही। केदारनाथ पैदल मार्ग पर लगातार पत्थर गिरने के कारण प्रशासन ने पैदल आवाजाही रोक रखी है। सुरक्षा को देखते हुए राहत एवं बचाव दलों ने करीब 7,000 यात्रियों को सुरक्षित निकालकर गौरीकुंड की ओर भेज दिया है। हालांकि, 500 से अधिक तीर्थयात्री अभी भी मार्ग में फंसे बताए जा रहे हैं। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पैदल मार्ग को फिलहाल बंद रखा गया है।

राहत की बात यह है कि केदारनाथ धाम के लिए हेलीकॉप्टर सेवा बुधवार से शुरू कर दी गई है। इससे धाम में मौजूद श्रद्धालुओं को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, मौसम और रास्ते की स्थिति को देखते हुए पैदल यात्रा बहाल करने का निर्णय प्रशासन हालात की समीक्षा के बाद ही लेगा।

इधर, उत्तराखंड के साथ देश के कई राज्यों में भी बारिश का दौर जारी है। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में मौसम विभाग ने बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। उत्तर प्रदेश के 72 जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। राजस्थान में 17 सितंबर तक बारिश का अलर्ट है। हिमाचल प्रदेश में अगले तीन दिनों तक मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। यहां हल्की से मध्यम बारिश के साथ तापमान में दो से तीन डिग्री तक गिरावट आ सकती है।

हरियाणा के आठ और पंजाब के 18 जिलों में भी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों से मौसम की स्थिति पर नजर रखने और जरूरी होने पर ही यात्रा करने की अपील की है।

बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के 15 जिलों में 49.67 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। पांच प्रमुख नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के 22 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है।

उधर, सिक्किम में भारी बारिश और भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित हुआ है। ग्यालशिंग जिले के रिंबी क्षेत्र में 28 घरों के 128 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। उनके लिए राहत केंद्र बनाए गए हैं। मध्य प्रदेश में भी मानसूनी सीजन के दौरान अब तक करीब 88 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई है, जबकि 37 जिलों में अपेक्षित बारिश का कोटा पूरा नहीं हुआ है।

 

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