ग्लासगो, 1 अगस्त। राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारतीय भाला फेंक खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा ने रजत पदक, जबकि युवा खिलाड़ी यशवीर सिंह ने कांस्य पदक अपने नाम किया। इस तरह पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में भारत ने एक साथ दो पदक जीतकर डबल पोडियम हासिल किया।
टोक्यो ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने खराब मौसम और तेज हवा के बीच बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में 85.83 मीटर का थ्रो किया, जो उनका इस सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। इससे पहले उनका सीजन का सर्वश्रेष्ठ थ्रो 85.69 मीटर था, जो उन्होंने जून में दोहा डायमंड लीग के दौरान दर्ज किया था।
नीरज के प्रदर्शन के बावजूद श्रीलंका के रुमेश थरंगा पाथिराजे ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने दूसरे प्रयास में 89.75 मीटर का शानदार थ्रो किया और 90 मीटर के आंकड़े के बेहद करीब पहुंच गए।
भारत के लिए सबसे रोमांचक प्रदर्शन 24 वर्षीय यशवीर सिंह का रहा। पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा ले रहे यशवीर ने अपने छठे और अंतिम प्रयास में 85.41 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने कांस्य पदक अपने नाम कर लिया। इससे पहले उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 83.72 मीटर था।
भारत के तीसरे खिलाड़ी रोहित यादव 81.56 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ सातवें स्थान पर रहे। इस स्पर्धा में दक्षिण एशियाई खिलाड़ियों का दबदबा रहा और स्वर्ण, रजत तथा कांस्य तीनों पदक इसी क्षेत्र के खिलाड़ियों के खाते में गए।
पाकिस्तान के मौजूदा ओलंपिक चैंपियन और राष्ट्रमंडल खेलों के गत विजेता अरशद नदीम इस बार पदक की दौड़ में नहीं टिक सके। तीन प्रयासों के बाद उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो 77.41 मीटर रहा और वह प्रतियोगिता से बाहर हो गए। वहीं त्रिनिदाद एवं टोबैगो के विश्व चैंपियन केशॉर्न वालकॉट 82.55 मीटर के साथ छठे स्थान पर रहे।
कमर की चोट से उबरने के बाद वापसी कर रहे नीरज चोपड़ा का यह दूसरा राष्ट्रमंडल खेल है। इससे पहले उन्होंने 2018 गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। अब 2026 में रजत पदक जीतकर उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में अपना दूसरा पदक हासिल कर लिया है।