हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं के चेहरों पर दिखाई देने वाला आत्मविश्वास भारत के सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। गुरुकुल कांगड़ी केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, राष्ट्रवाद, संस्कार और राष्ट्रसेवा की भावना का केंद्र है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ चरित्र निर्माण और भारतीय मूल्यों की शिक्षा भी दी जाती है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में शामिल है और देश की 65 प्रतिशत से अधिक आबादी 42 वर्ष से कम आयु की है। यही युवा शक्ति विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत बनेगी।
धामी ने कहा कि आज का युवा केवल नौकरी तलाशने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता के जरिए दूसरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया, मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया, खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसी योजनाओं ने युवाओं के लिए नए अवसर खोले हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी युवाओं को स्वरोजगार और रोजगार से जोड़ने के लिए कई योजनाएं चला रही है। इनमें मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा प्रोत्साहन योजना, कौशल विकास योजना, एक जनपद-दो उत्पाद योजना, हाउस ऑफ हिमालय ब्रांड, स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, सौर स्वरोजगार योजना, नई पर्यटन नीति और फिल्म नीति प्रमुख हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार राज्य में 44 प्रतिशत रिवर्स पलायन दर्ज हुआ है, जबकि बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की ऐतिहासिक कमी आई है। उन्होंने यह भी कहा कि नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्यों के इंडेक्स में उत्तराखंड देश में पहले स्थान पर है।
युवाओं के भविष्य और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता का जिक्र करते हुए धामी ने कहा कि राज्य में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। पिछले साढ़े चार वर्षों में 100 से अधिक नकल माफिया जेल भेजे गए, जबकि 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंक ऋण प्रक्रिया को भी सरल बनाया जाएगा और कैंप लगाकर युवाओं की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।