जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप ने ब्रह्मांड के शुरुआती दौर से जुड़ी एक बेहद दुर्लभ और रोमांचक खगोलीय घटना का खुलासा किया है। वैज्ञानिकों ने पहली बार छह विशाल गैलेक्सियों को आपस में विलय होकर एक महाविशाल आकाशगंगा का निर्माण करते हुए देखा है। इस पूरी प्रक्रिया के केंद्र में तेजी से विकसित हो रहा एक महाविशालकाय ब्लैक होल भी मौजूद है, जिसने वैज्ञानिकों की उत्सुकता और बढ़ा दी है।
यह खोज अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों की एक टीम ने की है, जिसमें लीडेन विश्वविद्यालय और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ता शामिल हैं। वैज्ञानिकों ने जिस खगोलीय प्रणाली का अध्ययन किया है, उसे टीजीएसएसजे1530+1049 नाम दिया गया है। यह संरचना पृथ्वी से लगभग 12 अरब प्रकाश वर्ष दूर स्थित है। इसका मतलब है कि वैज्ञानिक इसे उस समय की अवस्था में देख रहे हैं, जब ब्रह्मांड की आयु केवल लगभग 1.5 अरब वर्ष थी।
शोध की शुरुआत पहले हुए रेडियो अवलोकनों में मिले संकेतों के आधार पर की गई थी, जहां एक सक्रिय महाविशाल ब्लैक होल की मौजूदगी का अनुमान लगाया गया था। लेकिन जेम्स वेब टेलीस्कोप से प्राप्त नई तस्वीरों और आंकड़ों ने इससे कहीं अधिक जटिल और महत्वपूर्ण दृश्य सामने रखा।
वैज्ञानिकों को यहां केवल एक नहीं, बल्कि कम से कम छह गैलेक्सियों का समूह दिखाई दिया। इनमें से चार पहले से ही अत्यंत विशाल हैं और इनमें अरबों सूर्यों के बराबर तारकीय द्रव्यमान मौजूद है। ये सभी गैलेक्सियां एक-दूसरे के बेहद करीब स्थित हैं और धीरे-धीरे विलय की प्रक्रिया से गुजर रही हैं। वैज्ञानिक इस संरचना को प्रोटोक्लस्टर मान रहे हैं, जिसे भविष्य के विशाल गैलेक्सी क्लस्टर का प्रारंभिक रूप माना जाता है।
अध्ययन का सबसे अहम पहलू इस संरचना के केंद्र में मौजूद महाविशाल ब्लैक होल है। शोधकर्ताओं का मानना है कि गैलेक्सियों के आपसी विलय और ब्लैक होल की तेज़ी से हो रही वृद्धि के बीच गहरा संबंध है। जब गैस और अन्य पदार्थ ब्लैक होल में समाहित होते हैं, तो शक्तिशाली रेडियो उत्सर्जन उत्पन्न होता है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह खोज ब्रह्मांड के विकास, विशाल गैलेक्सियों के निर्माण और ब्लैक होल की उत्पत्ति को समझने की दिशा में एक बड़ी वैज्ञानिक उपलब्धि साबित हो सकती है।