85 वर्षीय मां की प्रताड़ना का वीडियो वायरल, महिला आयोग ने पुलिस को दिए सख्त निर्देश

देहरादून/कोटद्वार। कोटद्वार से सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला की प्रताड़ना के वीडियो ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कड़ा रुख अपनाया है और पौड़ी पुलिस को तत्काल निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

जानकारी के अनुसार मामला कोटद्वार के पूर्वी झंडीचौड़ क्षेत्र के जशोधरपुर चौकी अंतर्गत का है। वायरल वीडियो में बुजुर्ग महिला कुश्मा देवी रोते हुए अपने ही बेटे और बहू पर प्रताड़ना, गाली-गलौज और मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाती दिखाई दे रही हैं। महिला का कहना है कि उन्होंने अपनी पेंशन की बचत से जमीन खरीदी थी, जिस पर बने मकान में रहने के बावजूद उन्हें सम्मानजनक जीवन नहीं मिल रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में स्थानीय पुलिस से शिकायत करने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिला और मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया।

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने इस घटना पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि बुजुर्ग माता-पिता समाज की धरोहर हैं और उनके साथ किसी भी प्रकार का अमानवीय व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति में बुजुर्गों को विशेष सम्मान दिया जाता है और वृद्धावस्था में उन्हें असुरक्षित एवं असहाय छोड़ना सामाजिक मूल्यों के खिलाफ है।

कुसुम कंडवाल ने स्पष्ट किया कि इस संवेदनशील मामले को केवल पारिवारिक या संपत्ति विवाद मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने पौड़ी गढ़वाल के पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया है कि मामले की त्वरित एवं निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए और दोषियों के विरुद्ध कानूनी प्रावधानों के तहत प्रभावी कार्रवाई की जाए।

महिला आयोग ने वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007 के तहत भी आवश्यक कार्रवाई करने पर जोर दिया है, ताकि पीड़ित बुजुर्ग महिला को सुरक्षा, सम्मान और मानसिक शांति के साथ जीवनयापन करने का अवसर मिल सके। आयोग ने भरोसा दिलाया कि वह पीड़िता के साथ मजबूती से खड़ा है और न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा।

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