काठमांडू। नेपाल की राजनीति में सोमवार को उस समय हलचल मच गई, जब पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार में वित्त मंत्री रह चुके विष्णु पौडेल को मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों ने मामले की पड़ताल तेज कर दी है और वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है।
सम्पत्ति शुद्धीकरण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, विष्णु पौडेल के खिलाफ शेयर कारोबार में कथित अनियमितताओं और उनकी संपत्तियों के स्रोतों को लेकर जांच चल रही थी। प्रारंभिक जांच में कुछ संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों के संकेत मिलने के बाद कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया। इसी क्रम में उन्हें सोमवार को हिरासत में लिया गया।
बताया जा रहा है कि पौडेल अपनी पार्टी यूएमएल के एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए सुर्खेत पहुंचे थे। इसी दौरान जांच एजेंसियों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल उन्हें जिला पुलिस कार्यालय में रखा गया है और सुरक्षा कारणों तथा जांच प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए उन्हें जल्द काठमांडू लाने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, उन्हें हवाई या सड़क मार्ग से राजधानी लाने के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
गिरफ्तारी से पहले सम्पत्ति शुद्धीकरण विभाग की टीम ने काठमांडू स्थित उनके आवास पर छापेमारी भी की। छापे के दौरान अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य सामग्री अपने कब्जे में ली है। माना जा रहा है कि इन दस्तावेजों के आधार पर जांच एजेंसियां कथित मनी लॉन्ड्रिंग और संपत्ति के स्रोतों से जुड़े पहलुओं की पड़ताल करेंगी।
विष्णु पौडेल नेपाल की प्रमुख राजनीतिक पार्टी यूएमएल के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं और पूर्व में देश के वित्त मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। उनकी गिरफ्तारी को नेपाल की राजनीति में एक बड़े घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, जांच एजेंसियों ने अभी तक मामले के सभी विवरण सार्वजनिक नहीं किए हैं और कहा है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।