लंदन। ब्रिटेन की राजनीति में सोमवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने लेबर पार्टी के नेता पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि पार्टी को अब नए नेतृत्व की ओर बढ़ने का अवसर दिया जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि नए नेता के चयन और सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने तक वह प्रधानमंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे।
डाउनिंग स्ट्रीट से राष्ट्र को संबोधित करते हुए स्टार्मर ने कहा कि उन्होंने पार्टी के भीतर उभर रही भावनाओं और बदलते राजनीतिक माहौल का सम्मान करते हुए यह निर्णय लिया है। उन्होंने भरोसा जताया कि नया नेतृत्व देश को नई दिशा देने में सक्षम होगा और वह अपने उत्तराधिकारी को पूरा सहयोग देंगे। अपने संबोधन में स्टार्मर ने लेबर पार्टी को दोबारा सत्ता तक पहुंचाने और चुनौतीपूर्ण दौर में सरकार चलाने को अपनी प्रमुख उपलब्धियों में गिनाया।
कीर स्टार्मर ने वर्ष 2020 में लेबर पार्टी की कमान संभाली थी और 2024 के आम चुनाव में पार्टी को ऐतिहासिक जीत दिलाकर प्रधानमंत्री बने थे। लेकिन पिछले कुछ महीनों से उनकी नेतृत्व शैली, नीतिगत फैसलों और कई यू-टर्न को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ रहा था। हालिया स्थानीय चुनावों में लेबर पार्टी के कमजोर प्रदर्शन ने भी उनके नेतृत्व पर सवाल खड़े कर दिए थे।
स्टार्मर के इस्तीफे के बाद लेबर पार्टी में नए नेता की तलाश तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पूर्व ग्रेटर मैनचेस्टर मेयर एंडी बर्नहम इस दौड़ में सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। उन्हें पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं का समर्थन भी मिल रहा है। बताया जा रहा है कि जुलाई में नेतृत्व चयन की प्रक्रिया शुरू होगी और संसद के सितंबर सत्र से पहले नए नेता के पदभार संभालने की संभावना है।
ब्रिटेन की राजनीति में यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि स्टार्मर का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब देश आर्थिक चुनौतियों, घटती लोकप्रियता और बदलते राजनीतिक समीकरणों से जूझ रहा है। आने वाले दिनों में लेबर पार्टी का नेतृत्व परिवर्तन ब्रिटेन की राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।