सेंसेक्स 77,000 के पार पहुंचा, फिर अचानक क्यों फिसला बाजार?

मुंबई। भारतीय शेयर बाजार के लिए बीता सप्ताह उतार-चढ़ाव से भरा रहा, लेकिन कुल मिलाकर निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत छोड़ गया। सप्ताह के दौरान वैश्विक घटनाक्रमों, विशेषकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की खबरों ने बाजार में उत्साह पैदा किया, जिसके चलते सेंसेक्स पहली बार 77 हजार अंकों के स्तर को पार करने में सफल रहा। हालांकि सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन वैश्विक आईटी सेक्टर से आए नकारात्मक संकेतों के कारण बाजार में गिरावट देखने को मिली।

सप्ताह की शुरुआत बेहद मजबूत रही। सोमवार को अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम और शांति समझौते को लेकर सहमति बनने की खबर से निवेशकों का भरोसा बढ़ा। सेंसेक्स 1,000 अंकों से अधिक की तेजी के साथ खुला और 736 अंकों की बढ़त के साथ 76 हजार अंक के ऊपर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी में भी 231 अंकों की मजबूती दर्ज की गई। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने भी बाजार की धारणा को सकारात्मक बनाए रखा।

मंगलवार को भी खरीदारी का माहौल जारी रहा। सूचना प्रौद्योगिकी और घरेलू मांग आधारित क्षेत्रों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने से सेंसेक्स 544 अंक उछलकर 76,808 के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया। निफ्टी भी 23,989 अंक के स्तर को पार करने में सफल रहा।

बुधवार और गुरुवार को बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद तेजी बरकरार रही। गुरुवार को सेंसेक्स 254 अंक की बढ़त के साथ 77,409 अंक के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 24,168 अंक के ऊपर पहुंच गया। यह लगातार पांचवें कारोबारी सत्र की तेजी थी।

हालांकि शुक्रवार को तस्वीर बदल गई। वैश्विक आईटी क्षेत्र से नकारात्मक संकेत मिलने और प्रमुख टेक कंपनी एक्सेंचर द्वारा राजस्व वृद्धि अनुमान घटाने के बाद निवेशकों में मुनाफावसूली बढ़ गई। इसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। सेंसेक्स 607 अंक टूटकर 76,802 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 154 अंक फिसलकर 24,013 अंक पर आ गया। एचडीएफसी बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे प्रमुख शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई।

विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक घटनाक्रम और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां आने वाले सप्ताह में भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

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