देहरादून। देहरादून के मालदेवता, सौड़ा सरौली और आसपास के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत, पुनर्निर्माण और सुरक्षा कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की लगातार मॉनिटरिंग और जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देशन में जिला प्रशासन प्रभावित इलाकों में सामान्य जनजीवन बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहा है। प्रशासन का दावा है कि कई महत्वपूर्ण कार्य निर्धारित समय में पूरे कर लिए गए हैं और आवागमन अब पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित हो गया है।
हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण रायपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कई सड़कें, सुरक्षा दीवारें और अन्य बुनियादी ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए थे। स्थिति का स्वयं निरीक्षण करने के बाद जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को तत्काल पुनर्निर्माण और सुरक्षा कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद विभिन्न विभागों ने समन्वय के साथ काम करते हुए क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत और सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया।
प्रशासन की ओर से बताया गया कि सौड़ा सरौली क्षेत्र में सुरक्षा दीवारों का निर्माण अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इसके साथ ही सुरक्षा दीवारों पर लगाए गए जाल और अन्य सुरक्षात्मक व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जा रही है, ताकि लगातार हो रही बारिश के दौरान किसी भी तरह की दुर्घटना से बचाव किया जा सके और स्थानीय लोगों की आवाजाही सुरक्षित बनी रहे।
भारी बारिश के कारण सोंग नदी का जलस्तर बढ़ने से मालदेवता की कलिंगा नहर भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। सिंचाई विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नहर की मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया है। इसके बाद क्षेत्र के किसानों को दोबारा सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलने लगा है, जिससे खेती-किसानी को राहत मिली है।
इसके अलावा प्रशासन द्वारा पोकलैंड और जेसीबी मशीनों की मदद से सोंग नदी का चैनलाइजेशन कार्य भी तेजी से कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य नदी के बहाव को नियंत्रित करना और भविष्य में संभावित नुकसान को कम करना है। जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि मानसून के दौरान सभी संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई कर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।