नई दिल्ली। टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में दिल्ली सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए क्षय रोग उन्मूलन अभियान में उल्लेखनीय उपलब्धियों का दावा किया है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा की अध्यक्षता में आयोजित वर्चुअल समीक्षा बैठक में हिस्सा लेते हुए राज्य में चल रहे टीबी उन्मूलन और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी साझा की।
प्रगति तंत्र के तहत आयोजित इस बैठक में देशभर के राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य टीबी मुक्त भारत अभियान और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की समीक्षा करना, चुनौतियों पर चर्चा करना और केंद्र तथा राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था।
डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार टीबी मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने के लिए पूरी तरह समर्पित है। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, मरीजों तक बेहतर सुविधाएं पहुंचाने और तकनीक के प्रभावी उपयोग के जरिए स्वास्थ्य परिणामों में सुधार लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
दिल्ली सरकार के अनुसार, दिसंबर 2024 से अब तक 16.4 लाख से अधिक संवेदनशील और उच्च जोखिम वाले लोगों की टीबी जांच के लिए स्क्रीनिंग की गई है। इसी अवधि में 7.4 लाख से ज्यादा चेस्ट एक्स-रे और 3.5 लाख एनएएटी परीक्षण किए गए, जिससे रोग की समय पर पहचान और उपचार में मदद मिली है।
टीबी नियंत्रण के कई प्रमुख मानकों पर दिल्ली का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से बेहतर बताया गया है। टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (टीपीटी) कवरेज दिल्ली में 45 प्रतिशत दर्ज किया गया है, जबकि राष्ट्रीय औसत 29 प्रतिशत है। वहीं अपफ्रंट एनएएटी परीक्षण का कवरेज दिल्ली में 88 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय स्तर के 83 प्रतिशत से अधिक है।
24 मार्च से 15 जून तक चले टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0 के दौरान दिल्ली में 1,953 आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों के माध्यम से 3.19 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई और 26,761 टीबी रोगियों का पंजीकरण किया गया। सरकार ने बताया कि निक्षय पोषण योजना के तहत 65,900 से अधिक लाभार्थियों को 36 करोड़ रुपये से ज्यादा की आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जा चुकी है।