देहरादून। उत्तराखण्ड को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और अधिक मजबूत पहचान दिलाने के उद्देश्य से उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडीबी) की 24वीं बोर्ड बैठक मंगलवार को आईएचएम गढ़ीकैंट स्थित पर्यटन मुख्यालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने की। इस दौरान राज्य में पर्यटन विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों और योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी संदीप तिवारी, जीएमवीएन और केएमवीएन के वरिष्ठ अधिकारी, वित्त, परिवहन और ऊर्जा विभागों के प्रतिनिधियों सहित पर्यटन क्षेत्र से जुड़े नामित सदस्यों ने भाग लिया। बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत सभी 20 एजेंडा बिंदुओं को सर्वसम्मति से मंजूरी प्रदान की गई।
बैठक में विशेष रूप से एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने, अंतरराष्ट्रीय स्तर के कॉन्क्लेव आयोजित करने और पर्यटन गतिविधियों के विस्तार पर जोर दिया गया। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखण्ड अपनी प्राकृतिक सुंदरता, आध्यात्मिक धरोहर और साहसिक पर्यटन गतिविधियों के लिए देश-दुनिया में विशेष पहचान रखता है। ऐसे में राज्य को विश्व के अग्रणी एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए ठोस रणनीति पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णय पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ाने, रोजगार के नए अवसर सृजित करने और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन आयोजनों और कॉन्क्लेव के माध्यम से उत्तराखण्ड को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
पर्यटन विभाग का मानना है कि साहसिक खेलों, ट्रैकिंग, पर्वतारोहण, रिवर राफ्टिंग और अन्य एडवेंचर गतिविधियों को बढ़ावा देकर राज्य में देशी-विदेशी पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है। बोर्ड बैठक के फैसलों को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।