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अब आवाज में मिलेगी सरकारी योजनाओं की जानकारी, सीएम धामी ने लॉन्च की खास पहल

देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ‘मेरी योजना’ पुस्तक के ऑडियो क्लिप का अनावरण किया। कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग द्वारा तैयार किए गए इस विशेष ऑडियो संस्करण का उद्देश्य राज्य के नागरिकों तक केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी को और अधिक सरल एवं सुलभ तरीके से पहुंचाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मेरी योजना’ पुस्तक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनहितकारी योजनाओं को एक ही मंच पर संकलित किया गया है। इससे आम नागरिकों को योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने के लिए अलग-अलग स्रोतों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। पुस्तक में स्वरोजगार, कौशल विकास, शिक्षा, सामाजिक कल्याण और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों से संबंधित योजनाओं की पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रिया को सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है।

मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए विभागों को लगातार नवाचार करने चाहिए और शासनादेशों को भी ऐसी भाषा में जारी करना चाहिए, जिसे आम नागरिक आसानी से समझ सकें।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न नीतियों और योजनाओं का लाभ उत्तराखंड को भी मिल रहा है, जिससे राज्य में सड़क, रेल, स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत ढांचे के विकास को नई गति मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार की नीतियों के कारण राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है और प्रति व्यक्ति आय में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। राज्य सरकार मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, महक क्रांति योजना, एरोमा वैली और मिशन एप्पल जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध करा रही है।

कार्यक्रम में सचिव कार्यक्रम क्रियान्वयन दीपक कुमार ने बताया कि ‘मेरी योजना’ पुस्तक का ऑडियो संस्करण आकाशवाणी और अन्य रेडियो स्टेशनों के माध्यम से प्रसारित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग अब तक पुस्तक के चार संस्करण प्रकाशित कर चुका है और इसका डिजिटल संस्करण भी पहले से उपलब्ध है।

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