नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को INDIA गठबंधन की सातवीं महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें विपक्षी दलों के कई प्रमुख नेताओं ने हिस्सा लिया। लगभग दो वर्षों के अंतराल के बाद गठबंधन के शीर्ष नेता एक मंच पर नजर आए, जिससे आगामी राजनीतिक रणनीति और विपक्षी एकजुटता को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल हुए। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव समेत विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
कांग्रेस के अनुसार, बैठक में INDIA गठबंधन के 23 सहयोगी दलों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक समन्वय, संसद के भीतर और बाहर रणनीति तथा आगामी चुनावों को लेकर चर्चा की गई। नेताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और सरकार के खिलाफ साझा मुद्दों पर मिलकर आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता भी जताई।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार ने गठबंधन की एकजुटता को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि मौजूदा राजनीतिक हालात में सभी सहयोगी दलों का साथ रहना बेहद जरूरी है। उनके इस बयान को विपक्षी एकता के मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
बैठक के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए विपक्षी दलों की एकजुटता और लोकतंत्र की रक्षा के संकल्प को दोहराया।
इस बीच बैठक के दिन दिल्ली की अकबर रोड पर राहुल गांधी और कांग्रेस को लेकर कुछ विवादित पोस्टर लगाए गए, जिससे राजनीतिक माहौल गर्मा गया। पोस्टरों में राहुल गांधी की तस्वीर के साथ कांग्रेस विरोधी संदेश लिखे गए थे। बाद में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर इन पोस्टरों को हटा दिया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि INDIA गठबंधन की यह बैठक आगामी चुनावी समीकरणों और विपक्ष की रणनीति तय करने के लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है।