ओमान के तट और दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट एक वाणिज्यिक तेल टैंकर में हुए विस्फोट के बाद बड़ा हादसा टल गया। जहाज पर सवार सभी 24 भारतीय चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है। शुरुआती रिपोर्टों में विस्फोट के पीछे ड्रोन या मिसाइल हमले की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अधिकारियों ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पलाऊ के झंडे के तहत संचालित ऑयल और केमिकल टैंकर ‘एमटी मैरिवेक्स’ ओमान के तट से करीब 15 नॉटिकल मील दूर समुद्र में यात्रा कर रहा था। इसी दौरान जहाज में अचानक जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट के कारण इंजन रूम को गंभीर नुकसान पहुंचा और जहाज में आग लग गई।
धमाके से इंजन कंपार्टमेंट में बड़ा छेद हो गया, जिससे समुद्री पानी तेजी से जहाज के भीतर भरने लगा। इससे जहाज का संतुलन बिगड़ गया और कुछ समय के लिए चालक दल के सदस्यों के फंसने की आशंका भी जताई गई। स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब जहाज की लाइफबोट्स भी क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे बचाव अभियान में कठिनाइयां आईं।
भारत के बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, यह घटना भारतीय समयानुसार दोपहर करीब 1:30 बजे हुई। मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि उपलब्ध जानकारी के मुताबिक जहाज पर मौजूद सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं। फॉरवर्ड सीमेंस यूनियन ऑफ इंडिया ने भी पुष्टि की है कि जहाज पर भारतीय नागरिक मौजूद थे और उन्हें समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास का क्षेत्र लगातार सुरक्षा चुनौतियों और बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के कारण चर्चा में है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
फिलहाल समुद्री सुरक्षा एजेंसियां विस्फोट के कारणों की जांच कर रही हैं। भारतीय अधिकारी भी संबंधित अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के संपर्क में हैं और पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। सभी भारतीयों के सुरक्षित होने की पुष्टि से राहत जरूर मिली है, लेकिन धमाके के कारणों को लेकर जांच जारी है।