मणिपुर के उखरुल जिले के शोक्वाओ और न्यू हेवन क्षेत्र में सोमवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब सैकड़ों तंग्खुल नगा महिलाओं ने असम राइफल्स के जवानों और उनके वाहनों का रास्ता रोक दिया। महिलाओं ने मशालें और लाठियां लेकर सुरक्षा बलों के सामने मानव श्रृंखला बना दी और कथित तौर पर क्षेत्र में स्थापित की जा रही अस्थायी चौकी का विरोध किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शनकारी महिलाएं “हमारी जमीन, हमारा अधिकार” जैसे नारे लगाते हुए जवानों को आगे बढ़ने से रोक रही थीं। बताया जाता है कि सुरक्षा बलों ने कई बार चेतावनी दी, लेकिन महिलाएं पीछे हटने को तैयार नहीं हुईं। इसके बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस और मजिस्ट्रेट की अनुपस्थिति में असम राइफल्स के जवानों ने हवाई फायरिंग की और प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए बल प्रयोग किया। महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की और लाठीचार्ज किए जाने के भी आरोप लगाए गए हैं। वहीं, सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में असम राइफल्स के जवानों ने दावा किया है कि प्रदर्शनकारी महिलाओं ने उन पर पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की।
घटना के दौरान एक प्रदर्शनकारी के पैर में गोली लगने का दावा किया गया है, जबकि कम से कम 22 महिलाओं के घायल होने की खबर है। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, शोक्वाओ गांव की महिलाओं ने देर रात ही न्यू हेवन की ओर बढ़ रहे सुरक्षा बलों के काफिले को रोक दिया था, जिससे पूरी रात तनाव बना रहा। सुबह स्थिति और बिगड़ गई, जब एक समूह ने शोक्वाओ में रास्ता जाम कर दिया, जबकि दूसरे समूह ने न्यू हेवन में बने सुरक्षा बलों के अस्थायी बंकर को क्षतिग्रस्त कर दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि असम राइफल्स ने गांव की विलेज अथॉरिटी की अनुमति के बिना न्यू हेवन क्षेत्र में अस्थायी चौकी बनाई है। वहीं सुरक्षा एजेंसियां क्षेत्र में सक्रिय उग्रवादी गतिविधियों के खिलाफ अभियान को जरूरी बता रही हैं। फिलहाल इलाके में तनाव बना हुआ है और प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है।