भाई के अंतिम संस्कार के बाद भी कमेंट्री करने बुलाया गया! पूर्व क्रिकेटर का बड़ा खुलासा

मुंबई। पूर्व भारतीय स्पिनर L. Sivaramakrishnan ने एक बार फिर BCCI पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिवरामकृष्णन ने अपने हालिया बयान में दावा किया कि निजी दुख और पारिवारिक संकट के समय भी उनसे काम करने की उम्मीद की गई, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कभी उचित सम्मान और अवसर नहीं मिले।

सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए शिवरामकृष्णन ने बताया कि कुछ साल पहले उनके बड़े भाई का निधन हो गया था। वह अंतिम संस्कार के लिए घर लौटे थे, लेकिन कुछ ही समय बाद बीसीसीआई के एक अधिकारी का फोन आया। उन्होंने कहा कि अधिकारी ने उनसे पूछा, “अब जब अंतिम संस्कार हो गया है, तो क्या आप अगली फ्लाइट से मोहाली पहुंचकर भारत और ऑस्ट्रेलिया टेस्ट मैच की कमेंट्री कर सकते हैं?”

पूर्व स्पिनर ने कहा कि कठिन मानसिक स्थिति के बावजूद उन्होंने अपने पेशेवर दायित्व को प्राथमिकता दी और वापस जाकर कमेंट्री की। हालांकि उनका कहना है कि इतने समर्पण और त्याग के बाद भी उन्हें कभी वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वह हकदार थे।

शिवरामकृष्णन ने एक और दर्दनाक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि जब वह पुणे में कमेंट्री कर रहे थे, उसी दौरान उनकी मां का निधन हो गया था। इसके बावजूद उन्होंने अपना काम पूरा किया और उसके बाद ही घर लौटे। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं ने उन्हें मानसिक रूप से काफी प्रभावित किया।

गौरतलब है कि इससे पहले भी शिवरामकृष्णन बीसीसीआई पर भेदभाव के आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने कहा था कि उन्हें अपने रंग के कारण लंबे समय तक भेदभाव झेलना पड़ा। इसी वजह से उन्होंने हाल ही में कमेंट्री से संन्यास लेने का फैसला भी किया।

L. Sivaramakrishnan ने 1983 से 1987 के बीच भारतीय टीम के लिए 9 टेस्ट और 16 वनडे मैच खेले थे, जिनमें उन्होंने कुल 41 विकेट लिए। क्रिकेट से संन्यास के बाद वह लंबे समय तक कमेंट्री की दुनिया में सक्रिय रहे।

उनके इस खुलासे ने भारतीय क्रिकेट प्रशासन में मानवीय संवेदनाओं, पारदर्शिता और पेशेवर व्यवहार को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

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