देहरादून। गणेश जोशी ने आपदा प्रभावित सरखेत क्षेत्र का दौरा कर वहां चल रहे विकास और सुरक्षात्मक कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ क्षेत्र की स्थिति का जायजा लिया तथा आगामी मानसून को देखते हुए सुरक्षा कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए।
कैबिनेट मंत्री ने स्पष्ट कहा कि बरसात शुरू होने से पहले सभी आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं, ताकि स्थानीय लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आपदा संभावित क्षेत्रों में लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए और हर कार्य गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।
निरीक्षण के दौरान गणेश जोशी ने क्षेत्र में जमा मलवे की स्थिति का भी अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल मलवा चैनलाइजेशन का कार्य शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि बारिश के दौरान पानी और मलबे के बहाव से आबादी वाले इलाकों को नुकसान न पहुंचे।
मंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में बरसात के दौरान हुई आपदाओं से सबक लेते हुए इस बार पहले से ही सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस दौरान स्थानीय लोगों ने भी मंत्री के सामने अपनी समस्याएं और मांगें रखीं। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास कार्यों को लेकर गंभीर है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल आपदा के बाद राहत पहुंचाना नहीं, बल्कि पहले से ऐसी व्यवस्थाएं तैयार करना है जिससे नुकसान को न्यूनतम किया जा सके। इसके लिए प्रशासन, सिंचाई विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का मानना है कि समय रहते सुरक्षात्मक कार्य पूरे होने से मानसून के दौरान संभावित खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।