नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के तहत संचालित आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन ने देश में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। मिशन के अंतर्गत आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) से जुड़े हेल्थ रिकॉर्ड्स की संख्या 100 करोड़ के पार पहुंच गई है। यह उपलब्धि देश में तेजी से बढ़ते डिजिटल हेल्थ नेटवर्क और लोगों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार फरवरी 2025 में आभा से जुड़े हेल्थ रिकॉर्ड्स की संख्या 50 करोड़ थी, जो मात्र 15 महीनों में बढ़कर 100 करोड़ से अधिक हो गई। वर्तमान समय में हर दो से तीन महीने के भीतर करीब 10 करोड़ नए हेल्थ रिकॉर्ड आभा से लिंक किए जा रहे हैं। यह आंकड़ा देश में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के तेजी से विस्तार को दर्शाता है।
राज्यों की बात करें तो उत्तर प्रदेश 15.03 करोड़ हेल्थ रिकॉर्ड्स के साथ पहले स्थान पर है। इसके बाद आंध्र प्रदेश, बिहार, राजस्थान और गुजरात का नाम शामिल है। मंत्रालय ने बताया कि कोविन, पीएम-जेएवाई, ई-अस्पताल सहित 450 से अधिक सरकारी और निजी हेल्थ टेक प्लेटफॉर्म एबीडीएम से जुड़ चुके हैं। इससे मरीजों को पेपरलेस, सुरक्षित और तेज स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं।
इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील कुमार बर्नवाल ने कहा कि 100 करोड़ हेल्थ रिकॉर्ड्स का आभा से जुड़ना देश के डिजिटल हेल्थ मिशन की बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा कि यह केंद्र और राज्य सरकारों, अस्पतालों और निजी तकनीकी भागीदारों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
उन्होंने बताया कि आभा के माध्यम से नागरिक अपनी स्वास्थ्य जानकारी को सुरक्षित तरीके से एक्सेस कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर डॉक्टरों व अस्पतालों के साथ डिजिटल रूप से साझा भी कर सकते हैं। इससे इलाज की निरंतरता बनी रहती है और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलती हैं। एबीडीएम का लक्ष्य देश में ऐसा इंटरऑपरेबल हेल्थकेयर इकोसिस्टम तैयार करना है, जहां विभिन्न अस्पताल और स्वास्थ्य संस्थान बिना किसी बाधा के मरीजों का मेडिकल डेटा सुरक्षित रूप से साझा कर सकें।