एक युग का अंत: ‘जनरल साहब’ को नम आंखों से दी गई विदाई, उमड़ा जनसैलाब

 सैन्य सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हुए पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी

 प्रधानमंत्री मोदी और दिग्गज नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री खंडूड़ी को दी अंतिम श्रद्धांजलि

 उत्तराखंड ने खोया अपना सबसे ईमानदार नायक, दिग्गज नेताओं ने दी अंतिम श्रद्धांजलि

अमर नाथ सिंह, देहरादून।

उत्तराखंड ने बुधवार को अपने सबसे समर्पित और अनुशासित जननायक को अंतिम विदाई दे दी। पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मेजर जनरल (रिटायर्ड) भुवन चंद्र खंडूड़ी का पार्थिव शरीर बुधवार को हरिद्वार के खड़खड़ी श्मशान घाट पर पंचतत्व में विलीन हो गया। 91 वर्ष की आयु में मंगलवार को देहरादून के एक अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद उनका निधन हो गया था। बुधवार को पूरे सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ उनकी अंत्येष्टि की गई, जहां उनके बेटे मनीष खंडूड़ी ने उन्हें मुखाग्नि दी। सेना और पुलिस के जवानों ने हवा में गोलियां दागकर और हथियार झुकाकर अपने पूर्व जनरल को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया। इस विदाई में न केवल उनके चाहने वालों की आंखें नम थीं, बल्कि पूरा राज्य इस अपूरणीय क्षति से शोक में डूबा नजर आया।

राजनीति और समाज में ‘जनरल साहब’ के नाम से मशहूर भुवन चंद्र खंडूड़ी का जाना उत्तराखंड के लिए एक युग का अंत माना जा रहा है। उनकी बेदाग ईमानदारी, कड़क छवि और बेजोड़ प्रशासनिक अनुशासन ही उनकी सबसे बड़ी पहचान थी। यही कारण रहा कि बुधवार सुबह जब उनके पार्थिव शरीर को देहरादून के वसंत विहार स्थित उनके निवास से भाजपा के बलबीर रोड कार्यालय ले जाया गया, तो सड़कों पर आम जनता और कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ा। हर कोई अपने नेता के अंतिम दर्शन कर लेना चाहता था। उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए देश और राज्य के तमाम दिग्गज नेता पहुंचे। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन विशेष रूप से देहरादून पहुंचे और उनके आवास पर पुष्पांजलि अर्पित की। वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) गुरमीत सिंह सहित राज्य की विधानसभा अध्यक्ष व दिवंगत नेता की बेटी ऋतु खंडूड़ी भूषण ने नम आंखों से उन्हें नमन किया।

इस दुखद घड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके योगदान को याद करते हुए गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनरल खंडूड़ी का जीवन देश सेवा और अनुशासन की एक बड़ी मिसाल था। सेना से लेकर देश की राजनीति तक, उन्होंने जिस भी भूमिका को निभाया, वहां अपनी अमिट छाप छोड़ी। विशेष रूप से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री के रूप में उन्होंने देश के हाईवे नेटवर्क और ‘स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना’ को संवारने में जो ऐतिहासिक काम किया, उसे देश हमेशा याद रखेगा। राज्य सरकार ने उनके सम्मान में 19 मई से 21 मई तक तीन दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की है, जिसके तहत सभी सरकारी दफ्तरों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। बुधवार को पूरे प्रदेश के सरकारी कार्यालयों और स्कूलों में छुट्टी रखी गई थी, ताकि जनता अपने इस प्रिय नेता को श्रद्धासुमन अर्पित कर सके। ‘जनरल साहब’ भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी साफ-सुथरी राजनीति और देश सेवा की विरासत आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी।

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