देहरादून। राज्य में जल संरक्षण और नदी पुनर्जीवन कार्यों की धीमी प्रगति पर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने नाराजगी जताई है। सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने स्प्रिंग एंड रिवर रिजुवेनेशन अथॉरिटी (SARRA) द्वारा किए जा रहे कार्यों की गति पर सवाल उठाते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से अब तक किए गए कार्यों की विस्तृत सूची जल्द उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही उन्होंने अगले एक वर्ष की ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, जिसमें प्राथमिकता के आधार पर कार्यों का चयन और प्रत्येक प्रोजेक्ट की स्पष्ट टाइमलाइन तय की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी नदियों पर एक साथ काम करने के बजाय चिन्हित नदियों पर फोकस करते हुए प्रभावी परिणाम हासिल किए जाएं।
बैठक में चेकडैम निर्माण की रफ्तार बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि टिहरी जिले में तैयार की गई चेकडैम श्रृंखला का मॉडल अन्य जिलों में भी अपनाया जाए। इसके साथ ही चेकडैम्स के रखरखाव और डी-सिल्टिंग को भी योजना का हिस्सा बनाने के निर्देश दिए गए, ताकि लंबे समय तक इनके बेहतर परिणाम मिल सकें।
भूजल स्तर सुधारने के लिए भी सख्त समयसीमा तय की गई है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि ग्राउंड वाटर रिचार्ज से जुड़े सभी चिन्हित कार्य 30 जून 2026 तक पूरे किए जाएं। वहीं नैनीताल और देहरादून में चल रहे भूमिगत जल संवर्धन कार्यों को अगले दो महीनों में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि सभी कार्यों की प्रगति को “जल संचय जन भागीदारी पोर्टल” पर नियमित रूप से अपलोड किया जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। साथ ही जिला स्तर पर अधिकारियों को स्पष्ट लक्ष्य देकर जिम्मेदारी तय करने और जिलाधिकारियों द्वारा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में बताया गया कि “वन डिस्ट्रिक्ट, वन रिवर” योजना के तहत राज्य में नदियों, नौलों और जल स्रोतों को वैज्ञानिक तरीके से पुनर्जीवित करने का कार्य जारी है। सरकार का उद्देश्य जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाना और स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है।