चारधाम यात्रा से पहले सख्त निर्देश—खराब रास्तों और लैंडस्लाइड जोन पर तुरंत कार्रवाई

देहरादून। आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें लोक निर्माण विभाग, बीआरओ, एनएचएआई और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

बैठक में मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मानसून सीजन से पहले चारधाम यात्रा मार्गों की सभी आवश्यक मरम्मत और सुधार कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरे किए जाएं। उन्होंने खासतौर पर भूस्खलन संभावित क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील स्थानों का ट्रीटमेंट कार्य समय रहते पूरा किया जाए, ताकि बारिश के दौरान यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यात्रा मार्गों पर मौजूद बॉटलनेक्स (संकीर्ण और जाम की स्थिति पैदा करने वाले हिस्से) की पहचान कर उनका शीघ्र सुधार किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि इन मार्गों पर आवश्यक मशीनरी और उपकरणों की संख्या बढ़ाई जाए, जिससे आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई संभव हो सके।

उन्होंने कार्यों की प्राथमिकता तय करते हुए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया और कहा कि समयबद्ध तरीके से सभी कार्यों को पूरा करना बेहद जरूरी है। यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की बाधा को रोकने के लिए पहले से ही मजबूत तैयारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

बैठक में डीजी बीआरओ लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, एनएचएआई और टीएचडीसी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा उत्तरकाशी, टिहरी और चमोली जिलों के जिलाधिकारी भी बैठक में शामिल हुए और अपने-अपने क्षेत्रों की तैयारियों की जानकारी दी।

सरकार का उद्देश्य है कि इस बार चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर, सुरक्षित और निर्बाध यात्रा अनुभव मिल सके।

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