नोएडा, वेतन बढ़ोतरी और अन्य मांगों को लेकर चल रहा श्रमिकों का प्रदर्शन सोमवार को हिंसक रूप ले बैठा, जिससे Noida के कई औद्योगिक क्षेत्रों में अफरा-तफरी मच गई। उग्र प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों ने दो दर्जन से अधिक वाहनों में तोड़फोड़ कर आगजनी की, कई फैक्ट्रियों को नुकसान पहुंचाया और पुलिस पर पथराव भी किया।
जानकारी के अनुसार, पिछले कई दिनों से श्रमिक विभिन्न मांगों को लेकर धरना दे रहे थे, लेकिन सोमवार को स्थिति अचानक बिगड़ गई। सेक्टर 63, 62, 15, फेस-दो औद्योगिक क्षेत्र, सूरजपुर, नॉलेज पार्क और दादरी सहित कई इलाकों में प्रदर्शन तेज हो गया। कई जगह जाम लग गया और पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प देखने को मिली।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग के साथ आंसू गैस के गोले भी छोड़े। इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है और वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।
घटना को गंभीरता से लेते हुए Uttar Pradesh सरकार ने एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है, जो मामले की जांच कर जल्द रिपोर्ट देगी। समिति में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ श्रमिक संगठनों और उद्यमियों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है।
प्रदर्शन के दौरान कुछ श्रमिकों ने मीडिया कर्मियों के साथ भी बदसलूकी की और उनके उपकरण छीन लिए। वहीं सोशल मीडिया पर फायरिंग में 14 लोगों की मौत की अफवाह फैली, जिसे पुलिस ने सिरे से खारिज करते हुए इसे फर्जी बताया और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह और डीएम मेधा रूपम ने बताया कि श्रमिकों की अधिकांश मांगें मान ली गई हैं और उनसे शांति बनाए रखने की अपील की गई है। बावजूद इसके, प्रदर्शन पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।