देहरादून। उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। डॉ. धन सिंह रावत ने निर्देश दिए हैं कि लंबे समय से प्रतिनियुक्ति या अटैचमेंट पर कार्य कर रहे शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को उनके मूल तैनाती स्थल पर वापस भेजा जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने प्रदेश के सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने जिलों में ऐसे सभी कार्मिकों की सूची एक सप्ताह के भीतर विद्यालयी शिक्षा महानिदेशालय उत्तराखंड को उपलब्ध कराएं। इस सूची में संबंधित कर्मचारियों का नाम, पद, मूल तैनाती स्थान, वर्तमान कार्यस्थल, प्रतिनियुक्ति की अवधि और उसके कारण जैसी सभी जरूरी जानकारियां शामिल होंगी।
बताया गया है कि तीन वर्ष से अधिक समय से प्रतिनियुक्ति पर तैनात कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर वापस भेजा जाएगा। विभाग का मानना है कि इससे स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होगी और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
डॉ. रावत ने कहा कि सरकार का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और परिणाममुखी बनाना है। इसके लिए यह जरूरी है कि शिक्षक अपने मूल विद्यालयों में उपस्थित रहें और छात्रों को बेहतर शिक्षा मिल सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अनावश्यक रूप से अन्य विभागों या कार्यालयों में तैनात कर्मचारियों की स्थिति का पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा।
सरकार के इस फैसले से शिक्षा विभाग में कार्यप्रणाली में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही, यह कदम शिक्षकों की जवाबदेही तय करने और संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।