देहरादून। महिलाओं की समस्याओं के त्वरित समाधान और उन्हें न्याय दिलाने के उद्देश्य से Uttarakhand State Commission for Women ने प्रदेशभर में विशेष ‘महिला जनसुनवाई’ कार्यक्रम शुरू किए हैं। इस संबंध में आयोग की अध्यक्ष Kusum Kandwal ने सोमवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और महिला आयोग महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उन्हें न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। आयोग द्वारा सोशल मीडिया पर सामने आने वाली महिलाओं से जुड़ी घटनाओं और शिकायतों का भी स्वतः संज्ञान लेकर तुरंत आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
कुसुम कंडवाल ने बताया कि हाल के वर्षों में सामने आए कई मामलों में यह पाया गया है कि संबंधित पक्ष एक-दूसरे के परिचित होते हैं। ऐसे में अभिभावकों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों की गतिविधियों पर विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि किसी भी तरह की समस्या से समय रहते बचा जा सके।
उन्होंने महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि यदि उनके साथ किसी प्रकार की घटना या समस्या होती है तो वे तुरंत पुलिस हेल्पलाइन 112 Emergency Helpline India पर सूचना दें। इसके अलावा उन्होंने महिलाओं को Gaura Shakti App डाउनलोड करने और महिला आयोग के दूरभाष नंबर पर भी संपर्क करने की सलाह दी।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोग द्वारा प्रदेश के सभी 13 जिलों में 13 मार्च 2026 तक ‘महिला जनसुनवाई’ कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य पारिवारिक विवादों का समाधान करना और महिलाओं की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
निर्धारित कार्यक्रम के तहत सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय सभागार Dehradun में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कुल 25 मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें से अधिकांश का समाधान मौके पर ही कर दिया गया, जबकि शेष मामलों को संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा गया।
इस अवसर पर महिला आयोग की सदस्य Vimla Naithani भी मौजूद रहीं।