देहरादून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर निर्वाचन विभाग ने राजनीतिक दलों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। शनिवार को अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रगति, नोटिसों की सुनवाई और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और अपने सुझाव भी रखे।
बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल करीब 71 लाख मतदाताओं में से अनमैप्ड और विभिन्न प्रकार की विसंगतियों वाले करीब 24 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे। इनमें से अब तक 15 लाख से अधिक नोटिसों पर सुनवाई पूरी की जा चुकी है। शेष मामलों में आवश्यक प्रक्रिया जारी है।
उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित की जा रही है। निर्वाचन विभाग का प्रयास है कि मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के साथ ही प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम सुरक्षित रहे। साथ ही ऐसे नामों की पहचान की जा रही है, जिनमें किसी तरह की विसंगति पाई गई है।
प्रक्रिया में पारदर्शिता और निगरानी बढ़ाने के लिए निर्वाचन विभाग की ओर से नौ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को पर्यवेक्षण अधिकारी के रूप में अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। अधिकारियों को एसआईआर की प्रगति पर नजर रखने और प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के अनुरूप पूरा कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। बैठक में सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास के अलावा भाजपा से अनिल गोयल और राजकुमार पुरोहित, कांग्रेस से मनोज रावत और मौ. सुलेमान अंसारी, बसपा से सत्यपाल, सतेंद्र, जसपाल और सतेंद्र चोपड़ा, आम आदमी पार्टी से श्याम बाबू पांड्य तथा सीपीआई (एम) से अनंत आकाश मौजूद रहे।
निर्वाचन विभाग ने राजनीतिक दलों को भरोसा दिलाया कि एसआईआर प्रक्रिया में नियमों और पारदर्शिता का पूरा पालन किया जा रहा है।