मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है Israel और Iran के बीच बढ़ती सैन्य कार्रवाई के चलते क्षेत्र में भारी तबाही की खबरें सामने आ रही हैं। इस संघर्ष में United States की सक्रिय भागीदारी ने हालात को और जटिल बना दिया है।
सूत्रों के अनुसार इस्राइल ने ईरान के कई तेल भंडारों को निशाना बनाया है, जिससे ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। वहीं ईरान भी लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है और उसने पश्चिम एशिया में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह युद्ध लंबे समय तक जारी रहा तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है। कुछ अर्थशास्त्रियों का कहना है कि संघर्ष एक सप्ताह और लंबा खिंचा तो दुनिया में आर्थिक मंदी जैसे हालात पैदा हो सकते हैं।
इस बीच ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण Strait of Hormuz के जरिए तेल आपूर्ति पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह मार्ग खाड़ी देशों से दुनिया के कई हिस्सों में तेल पहुंचाने का मुख्य रास्ता माना जाता है। इस फैसले से भारत और यूरोपीय देशों के सामने ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ गई है।
दूसरी ओर, युद्ध के बढ़ते प्रभाव से वैश्विक राजनीति में भी हलचल देखी जा रही है। European Union के कई देश अमेरिका पर युद्ध समाप्त करने का दबाव बना रहे हैं। खाड़ी देशों में भी चिंता बढ़ी है और वे आर्थिक माध्यमों से दबाव बनाने पर विचार कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस संघर्ष के चलते वैश्विक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर दूरगामी प्रभाव पड़ सकते हैं। यदि स्थिति जल्द नियंत्रित नहीं हुई तो दुनिया को आर्थिक संकट और भू-राजनीतिक अस्थिरता का सामना करना पड़ सकता है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या अंतरराष्ट्रीय दबाव और कूटनीतिक प्रयास इस युद्ध को रोक पाएंगे या फिर यह संघर्ष और लंबा खिंचेगा।