नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के मेट्रो नेटवर्क को रविवार को बड़ी सौगात मिलने जा रही है। प्रधानमंत्री **नरेंद्र मोदी** दिल्ली मेट्रो के दो नए कॉरिडोर का उद्घाटन करने के साथ-साथ तीन नई मेट्रो परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे। इन परियोजनाओं के शुरू होने से दिल्ली और एनसीआर में मेट्रो कनेक्टिविटी और अधिक मजबूत होगी तथा यात्रियों को तेज, सुगम और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा।
दिल्ली की मुख्यमंत्री **रेखा गुप्ता** ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया कि जिन दो कॉरिडोर का उद्घाटन किया जाएगा उनमें **मजलिस पार्क से मौजपुर-बाबरपुर सेक्शन (पिंक लाइन)** और **दीपाली चौक से मजलिस पार्क सेक्शन (मैजेंटा लाइन)** शामिल हैं। दीपाली चौक से मजलिस पार्क तक का कॉरिडोर मैजेंटा लाइन का विस्तार है। इसके शुरू होने के बाद इस लाइन की कुल लंबाई लगभग 49 किलोमीटर हो जाएगी, जिससे कई आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों को बेहतर मेट्रो सुविधा मिलेगी।
वहीं मजलिस पार्क से मौजपुर-बाबरपुर कॉरिडोर के चालू होने से पिंक लाइन की कुल लंबाई करीब 71.56 किलोमीटर हो जाएगी। इसके साथ ही दिल्ली को देश की पहली पूरी तरह संचालित **‘रिंग मेट्रो’** का दर्जा मिल जाएगा, जिससे शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच यात्रा और अधिक आसान हो जाएगी।
इसके अलावा प्रधानमंत्री तीन नई मेट्रो परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे। इनमें **रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर**, **एरोसिटी से इंदिरा गांधी एयरपोर्ट टर्मिनल-1 तक कॉरिडोर** और **तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक कॉरिडोर** शामिल हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रशासनिक, व्यावसायिक और आवासीय क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी और एयरपोर्ट तक मेट्रो की सीधी पहुंच भी सुनिश्चित होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन परियोजनाओं का लाभ केवल दिल्ली ही नहीं बल्कि एनसीआर के शहरों को भी मिलेगा। फरीदाबाद और बल्लभगढ़ के यात्री वायलेट लाइन के माध्यम से तुगलकाबाद पहुंचकर गोल्डन लाइन से सीधे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट टर्मिनल-1 तक जा सकेंगे। वहीं नोएडा के यात्री मैजेंटा लाइन के जरिए कालिंदी कुंज पहुंचकर आसानी से एयरपोर्ट और दक्षिण दिल्ली के कई क्षेत्रों तक पहुंच पाएंगे।
उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार ने 2025-26 के बजट में सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देते हुए परिवहन विभाग के बजट को 5,702 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 9,110 करोड़ रुपये कर दिया है। साथ ही मेट्रो परियोजनाओं को गति देने के लिए 2,929 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है।