देहरादून। प्रदेश के उच्च शिक्षा एवं विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपने शासकीय आवास पर दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित कर आगामी राष्ट्रीय स्तर की बैठक को लेकर तैयारियों का जायजा लिया। यह बैठक मार्च माह के द्वितीय सप्ताह में नई दिल्ली में भारत सरकार के केंद्रीय शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में प्रस्तावित है, जिसमें विभिन्न राज्यों की शिक्षा संबंधी प्रगति और योजनाओं की समीक्षा की जानी है।
बैठक के दौरान डॉ. रावत ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रस्तुतीकरण पूरी तरह भारत सरकार के निर्धारित एजेंडे के अनुरूप हो। उन्होंने कहा कि सभी तथ्य अद्यतन आंकड़ों पर आधारित हों और प्रस्तुतीकरण परिणामोन्मुखी तथा प्रभावशाली तरीके से तैयार किया जाए। राज्य सरकार की उपलब्धियों, नवाचारों और भविष्य की कार्ययोजनाओं को पावर प्वाइंट के माध्यम से व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत किया जाए, ताकि उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था की सशक्त तस्वीर सामने आ सके।
उच्च शिक्षा के संदर्भ में मंत्री ने राजकीय महाविद्यालयों में तैनात फैकल्टी की संख्या, छात्र संख्या, आधारभूत संरचना, पुस्तकालयों में उपलब्ध पुस्तकों, इंटरनेट सुविधाओं, प्रयोगशालाओं और अन्य संसाधनों का विस्तृत ब्यौरा तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जानकारी तथ्यात्मक और अद्यतन होनी चाहिए।
इसके अलावा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (एनईपी-2020) के अंतर्गत किए गए पाठ्यक्रम सुधार, नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क (एनसीआरएफ) के अनुरूप क्रेडिट संरचना, भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित पाठ्यक्रम, कौशल विकास कार्यक्रम, शिक्षक प्रशिक्षण, डिजिटलीकरण, प्रयोगशालाओं के उन्नयन और छात्रावास सुविधाओं को भी प्रस्तुतीकरण में प्रमुखता से शामिल किया जाए। मंत्री ने कहा कि राज्य शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और गुणवत्ता सुधार के लिए प्रतिबद्ध है और आगामी बैठक में इसकी सशक्त प्रस्तुति दी जाएगी।