देहरादून स्थित **दून यूनिवर्सिटी** में नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन के स्पेशल मॉनिटर **National Human Rights Commission** के प्रतिनिधि प्रो. कन्हैया त्रिपाठी ने आधिकारिक दौरा किया। उनका उद्देश्य विश्वविद्यालय में मानवाधिकार, जेंडर सेंसिटिविटी और शैक्षणिक प्रशासन से जुड़े संस्थागत तंत्र की समीक्षा करना था।
दौरे के दौरान प्रो. त्रिपाठी ने विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, वरिष्ठ प्राध्यापकों और जेंडर मुद्दों, शिकायत निवारण, छात्र कल्याण, कैंपस सुरक्षा तथा सामाजिक समावेशन से जुड़ी समितियों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक का समन्वय रजिस्ट्रार दुर्गेश डिमरी ने किया।
बैठक में कुलपति ने पिछले पांच वर्षों में विश्वविद्यालय द्वारा किए गए शैक्षणिक और प्रशासनिक प्रयासों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने महिला सशक्तिकरण, जेंडर संवेदनशीलता और समावेशी कैंपस गवर्नेंस की दिशा में उठाए गए कदमों पर प्रकाश डाला।
प्रो. त्रिपाठी ने संस्थागत समितियों और छात्र प्रतिनिधियों से अलग-अलग संवाद भी किया। इसके साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय के छात्रावासों का निरीक्षण किया और वहां रह रहे विद्यार्थियों, वार्डन तथा केयरटेकर से सीधी बातचीत की।
हॉस्टल व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने सुझाव दिया कि भोजन की गुणवत्ता और छात्र सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए वर्तमान एल-1 टेंडर प्रोक्योरमेंट प्रक्रिया पर पुनर्विचार किया जाए।
यह दौरा विश्वविद्यालय के लिए आत्ममूल्यांकन और सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे कैंपस में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्र हितों को और अधिक सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी।